अकबर 'महान' के कथित सेक्युलर चरित्र का गुणगान करते हुए वामपंथी इतिहासकारों ने उसके नेगेटिव पक्ष को दबाया। अकबर कितना बड़ा व्याभिचारी था इसके प्रमाण गुरु गोविंद सिंह रचित सिख ग्रन्थ 'चरित्रोपाख्यान' में मौजूद हैं। जूतों से पिटाई के बाद अकबर ने पराई स्त्रियों के घर में घुसना बंद किया था।
जस्टिस भानुमति की पीठ ने कहा कि राहत पाने के लिए चिदंबरम को निचली अदालत में जाना होगा। दिल्ली हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत की अर्जी खारिज होने के बाद 21 अगस्त को सीबीआई ने चिदंबरम को गिरफ्तार कर लिया था। ईडी ने भी चिदंबरम के रिमांड की माँग की है।
2015 में मदरसों ने यह कहकर भोजन लेने से इनकार कर दिया था कि भोजन बनाने वाली संस्था इस्कॉन हिन्दुओं का धार्मिक संगठन है। उन्होंने आरोप लगाया था कि भोजन बनाने के बाद भगवान को भोग लगाया जाता है और गंगाजल मिलाकर स्कूलों में भेजा जाता है।
इमरान के मंत्री बोले, "मोतीलाल नेहरू के परपोते, जवाहरलाल नेहरू के पोते, कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी को उनके पूर्वजों के यहाँ नहीं जाने दिया गया। यह दिखाता है कि किस तरह आरएसएस और नाजी विचारधारा ने इंडिया पर कब्जा कर लिया है।"
सुरभि ने ट्विटर पर लिखा कि सावरकर की प्रतिमा उन स्वतंत्रता सेनानियों की प्रतिमा के साथ नहीं लगाई जानी चाहिए, जिन्होंने देश के लिए अपनी जान दे दी। सुरभि ने लिखा कि सावरकर अंग्रेजों को क्षमा याचिकाएँ लिखा करते थे।
अगर भाजपा ने किसी स्वतंत्रता सेनानी या किसी महापुरुष को लेकर ऐसा निर्णय लिया होता तो कई लोग बवाल खड़ा करते हुए कहते कि सरकार पाठ्यक्रम से छेड़छाड़ कर रही है या उसका भगवाकरण कर रही है।
चिदंबरम ने सीबीआई से पूछताछ के दौरान कहा कि वे सभी अधिकारी अपने काम में दक्ष थे और फाइलों को वही लोग देखा करते थे। उनके इस बयान के बाद अब उनके कार्यकाल में वित्त मंत्रालय में तैनात रहे कुछ अधिकारियों से सीबीआई पूछताछ कर सकती है।
कुंठायुक्त विरोधाभासी रवैये की पराकाष्ठा पर टीवी फोड़ डालने की सलाह देने वाले रवीश कुमार ने इस बात पर नाराज़गी जताई कि लोग उनके शो के दौरान टीवी बंद कर देते हैं। आप ख़ुद दोनों वीडियो देखिए और सोचिए कि रवीश आख़िर चाहते क्या हैं?
क्या आपको 2011 में आयोजित भाजपा की एकता यात्रा याद है? अब्दुल्ला-कॉन्ग्रेस सरकार ने न सिर्फ़ अनंत कुमार, सुषमा स्वराज और अरुण जेटली को J&K में घुसने से रोका बल्कि गिरफ्तार भी करवा लिया था। आज तीनों दिग्गज हमारे बीच नहीं रहे। आइए इतिहास में चलें 8 वर्ष पीछे।
पाकिस्तान के संसदीय दल ने अपना यूएई दौरा रद्द कर दिया। पीएम मोदी को यूएई द्वारा जायद मेडल से सम्मानित किए जाने को इसकी वजह बताई गई है। लेकिन, असली वजह कुछ और ही है। पाकिस्तान के आंतरिक सूत्रों से हम निकाल कर लाए हैं दिलचस्प ख़बर।