Tuesday, October 19, 2021
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चिदंबरम को सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली राहत, सिब्बल बोले- सीबीआई पूछ रही ‘आपके पास है ट्विटर अकाउंट’

अब चिदंबरम की सारी उम्मीदें सीबीआई अदालत में होने वाली सुनवाई पर टिकी है। उनकी पॉंच दिन की रिमांड आज खत्म हो रही है। हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत की अर्जी खारिज होने के बाद 21 अगस्त को सीबीआई ने उन्हें गिरफ्तार किया था।

सुप्रीम कोर्ट से सोमवार को भी पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम को राहत नहीं मिली। शीर्ष अदालत ने उनकी याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी कि सीबीआई गिरफ्तारी के बाद इसका कोई मतलब नहीं रह जाता है। चिदंबरम फिलहाल INX मीडिया मामले में सीबीआई कस्टडी में हैं।

अब उनकी सारी उम्मीदें आज सीबीआई अदालत में होने वाली सुनवाई पर टिकी है। उनकी पॉंच दिन की रिमांड आज खत्म हो रही है।

सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस भानुमति की पीठ ने कहा कि राहत पाने के लिए चिदंबरम को निचली अदालत में जाना होगा। दिल्ली हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत की अर्जी खारिज होने के बाद 21 अगस्त को सीबीआई ने चिदंबरम को गिरफ्तार कर लिया था। हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ चिदंबरम ने शीर्ष अदालत से राहत माँगी थी।

इसके अलावा ईडी ने भी चिदंबरम के रिमांड की माँग की है। ईडी की तरफ से दायर हलफनामे पर भी सुनवाई होनी है।

इससे पहले, सीबीआई ने चिदंबरम की अग्रिम जमानत का विरोध करते हुए कहा कि गिरफ्तारी के बाद याचिका अर्थहीन है। जस्टिस भानुमति ने भी कहा, “सुप्रीम कोर्ट के संविधान पीठ के एक फैसले के मुताबिक गिरफ्तारी के बाद अग्रिम जमानत याचिका अर्थहीन हो जाती है।”

वहीं, चिदंबरम के वकील कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में मेंशन किया कि कोर्ट ऑर्डर के बावजूद, आईएनएक्स मीडिया केस में सीबीआई रिमांड के खिलाफ दायर याचिका को सुनवाई के लिए लिस्ट नहीं किया गया। सिब्बल ने जीवन के अधिकार की दलील देते हुए याचिका के लिस्टिंग न होने के बावजूद सुनवाई के लिए कहा। इस पर जस्टिस भानुमति ने कहा कि जिस पेटिशन को औपचारिक नंबर न मिला हो, उसकी लिस्टिंग के लिए CJI की अनुमति ज़रूरी है। रिमांंड के खिलाफ अर्जी लिस्ट नहीं है और वो लिस्टिंग के लिए नहीं कह सकती हैं। उन्होंने कहा कि वो अग्रिम जमानत को रेग्युलर बेल में कन्वर्ट नही कर सकती हैं।

सिब्बल ने पीठ को बताया कि सीबीआई चिदंबरम से उनके खिलाफ लगाए गए आरोप के बारे में पूछताछ नहीं कर रही। उनसे विदेशी बैंक खाते के बारे में पूछा गया था, जिससे उन्होंने इनकार कर दिया था। इसके अलावा उनके मुवक्किल से पूछा गया था कि क्या उनके पास ट्विटर अकाउंट है। उन्होंने कहा कि इससे जाहिर होता है कि सीबीआई जॉंच को लेकर गंभीर नहीं है।

सिब्बल ने मीडिया ट्रायल का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जॉंच एजेंसी बगैर सत्यापित जानकारी मीडिया को लीक कर रही है।

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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