हिंदुओं के करीब 500 साल के संघर्ष और सर्वोच्च न्यायालय के एक फैसले ने इस क्षण का आना सुनिश्चित कर दिया था। लेकिन 2024 में ही इस क्षण का आना इसे इतिहास का एक अमिट वर्ष बना जाता है।
सुरेश ने बताया कि उनके पिता मूल रूप से पड़ोसी जिले गोंडा के रहने वाले थे। अयोध्या में वो कमाने के लिए बसे थे। यहाँ वो एक ईंट-भट्ठे पर मुंशी का काम करते थे।
अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन 240 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित किया गया है। इसमें तीन मंजिला आधुनिक रेलवे स्टेशन भवन लिफ्ट, एस्केलेटर, फूड प्लाजा जैसी सभी आधुनिक सुविधाएँ हैं।