"हाल के दिनों में ऐसी कई फ़िल्में आई हैं जिनमें हिन्दू देवी-देवताओं का मजाक बनाया गया। भगवान शिव को त्रिशूल के साथ दौड़ते हुए दिखा कर उनका मजाक बनाया गया।"
पिछले 1 वर्ष में नूपुर शर्मा और तस्लीम रहमानी के जीवन का जो अंतर है न, वही मोहम्मद जुबैर जैसे 'डिजिटल जिहादियों' की सफलता है। कन्हैया लाल तेली और उमेश कोल्हे का गला रेता जाना और 1 वर्ष बाद भी हत्यारों को सज़ा न मिलना, यही इन 'डिजिटल जिहादियों' का उत्साहवर्धन है।
मालदास स्ट्रीट बाजार की गलियों में लगभग 300 दुकानें हैं जहाँ लोगों का हुजूम उमड़ता था, लेकिन अब सन्नाटा ही यहाँ की तस्वीर है। पत्नी दिवंगत पति की सिलाई मशीन को निहारती रहती हैं।
"हमने देखा कि कुछ लोग सिनेमा हॉल्स में गए थे जब ये फिल्म दिखाई जा रही थी। उन्होंने सिर्फ हॉल को बंद रखने के लिए ही दबाव बनाया। वो कुछ और भी कर सकते थे।"
ओडिशा में कनाडा की नागरिकता रखने वाले एक व्यक्ति पर केस दर्ज किया गया है। उस पर प्रार्थना सभा के नाम पर जनजातीय समाज के लोगों को ईसाई बनाने की कोशिश का आरोप है।