एक पिछड़े राज्य के पिछड़े समाज का कोई व्यक्ति मॉब लिंचिंग का शिकार हो जाता है, लेकिन उस राज्य के दोनों मुखिया देशाटन में लगे हैं, अपनी राजनीति चमकाने के लिए। शशि थरूर 'The Kerala Story' के विरोध में व्यस्त हैं।
शिवकुमार ने मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर आलाकमान को संदेश दे दिया है। इसमें उनके तेवर भी छिपे हैं। कॉन्ग्रेस आलाकमान के प्रति अपने समर्पण की भी याद दिलाई है।
भाड़े के सैनिकों से भी युद्ध तभी जीते जाते हैं जब सेनापति खुद सक्षम हो। पर कॉन्ग्रेस का 'स्वयंभू सेनापति' निस्तेज और सामर्थ्यहीन है। खासकर जब मुकाबला नरेंद्र मोदी नाम के राजनीतिक बाहुबली से हो।
जो सफल युवा होते हैं, वो हिन्दू धर्म से नफरत करते हैं - ज़ोया अख्तर की 'दहाड़' इस नैरेटिव को आगे बढ़ाती है। विलेन की राजपूत जाति पर जोर दिया गया है। 'लव जिहाद' को नकारा गया है।