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सिर्फ कमरे में न रहें… काशी को महसूस करें: G-20 बैठक में डेलीगेट्स से बोले PM मोदी, बताया- भारत में डिजिटलाइजेशन से आया क्रांतिकारी परिवर्तन

पीएम मोदी बोले- वाराणसी सिर्फ उनका निर्वाचन क्षेत्र नहीं है बल्कि यहाँ माँ गंगा के साथ सारनाथ जैसे स्थल हैं। इस बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि विकास को बनाए रखना सामूहिक जिम्मेदारी है। भारत अपने अनुभव बाँटने को तैयार है। दुनिया को बचाने के लिए पर्यावरण पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। हम नदियों, पेड़ों का सम्मान करते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोजी ने वाराणसी में चल रहे जी 20 सम्मेलन को संबोधित किया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जी 20 सदस्य देशों के मंत्रियों की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने वाराणसी के आध्यात्मिक महत्व पर खास चर्चा की। उन्होंने कहा कि काशी सदियों से ज्ञान, चर्चा, संस्कृति और अध्यात्म का केंद्र रही है। जी-20 डेलीगेट्स केवल कमरे में न रहें बल्कि आकर वाराणसी घूमें।

पीएम मोदी ने जी20 में कई देशों के प्रतिनिधियों से कहा कि वो काशी को महसूस करें, इसकी अनुभूति करें। पीएम बोले वाराणसी सिर्फ उनका निर्वाचन क्षेत्र नहीं है बल्कि यहाँ माँ गंगा के साथ सारनाथ जैसे स्थल हैं। इस बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि विकास को बनाए रखना सामूहिक जिम्मेदारी है। भारत अपने अनुभव बाँटने को तैयार है। दुनिया को बचाने के लिए पर्यावरण पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। हम तो नदियों, पेड़ों का सम्मान करते हैं।

उन्होंने जी-20 बैठक को संबोधित करते हुए खुशी जाहिर की कि जी-20 का विकास एजेंडा काशी तक भी पहुँचा। उन्होंने कहा, “वैश्विक दक्षिण के लिए विकास एक प्रमुख मुद्दा है। मेरा दृढ़ विश्वास है कि यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम सतत विकास लक्ष्यों को पीछे न जाने दें। हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी पीछे न रहे।”

पीएम मोदी ने भारत में डिजिटलाइजेशन से आए क्रांतिकारी परिवर्तन पर चर्चा की। इसके अलावा उन्होंने लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण पर भी बात की। उन्होंने कहा इस बैठक में कहा कि प्रौद्योगिकी का उपयोग लोगों को सशक्त बनाने, डेटा को सुलभ बनाने और समावेशिता सुनिश्चित करने के लिए एक उपकरण के रूप में किया जा रहा है। भारत महिला सशक्तिकरण तक ही सीमित नहीं है बल्कि महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास तक फैला हुआ है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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