इस्लामी नेटवर्क द्वारा हिन्दू लड़कियों का ब्रेनवॉश और किसी प्रेमी जोड़े का स्वेच्छा से शादी करना - पंडित शंखधार को बदनाम करने से पहले 'दैनिक भास्कर' को ये अंतर समझना चाहिए था।
कर्नाटक में कॉन्ग्रेस को मिला जनादेश कुछ समुदायों और एक विशेष मजहब की खुशफहमियों की उपज है। क्या मनवांछित हिस्सेदारी नहीं मिलने पर ये कॉन्ग्रेस और कर्नाटक को चैन से जीने देंगे?