काँवड़ यात्रा में जातिवाद, क्षेत्रवाद और लिंगभेद का नामोनिशान तक नहीं। काँवड़ियों ने अपनी पहचान बस 'भोले भक्त' बताई। महिलाओं और साधु-संतों से भी हमने की बात।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पत्र में पूर्व राष्ट्रपति का आभार प्रकट करते हुए बताया कि कैसे रामनाथ कोविंद ने सर्वोच्च पद पाने के बाद भी मिट्टी का साथ नहीं छोड़ा।
1999 के और आज के समय में बहुत फ़र्क है। भविष्य के युद्धों में सैनिकों की संख्या से ज्यादा महत्वपूर्ण उनकी दक्षता, अत्याधुनिक हथियार और उपकरण, सूचना-तकनीक ढाँचा आदि होंगे। इसलिए भारतीय सेना को नई जरूरतों के अनुसार तैयार किया जाना आवश्यक है।