धर्म और संस्कृति

‘कटे हुए पेड़ से ज्यादा सस्ता है कटा हुआ सिर’: 3 बेटियों के साथ बलिदान हुईं अमृता देवी, कुल 363 लोग कुल्हाड़ी से काटे...

अमृता देवी समेत 363 बिश्नोइयों का बलिदान देख महाराजा अभय सिंह ने आदेश जारी किया कि बिश्नोइयों के ग्रामों के आसपास न पेड़ काटे जाएँगे और न जानवर मारे जाएँगे।

अल्पसंख्यक हैं मिजोरम में हिंदू, फिर भी हरि मंदिर को बचाने में जुटे: असम राइफल्स के जाने के बाद राज्य सरकार के कब्जे में...

पूर्वोत्तर भारत के राज्य मिजोरम में हिन्दू असम राइफल्स की कैंटोनमेंट में स्थित अपना एक मंदिर सरकारी नियंत्रण में जाने से बचाने को लड़ रहे हैं।

जगन्नाथ पुरी मंदिर में गैर हिंदू ने कैसे किया प्रवेश? अमेरिकी राजदूत के ‘पतितपावन’ दर्शन की तस्वीरों से उठे सवाल, जानिए सच्चाई

भारत में अमेरिका के राजदूत एरिक गार्सेटी जगन्नाथ मंदिर गए थे। इसके बाद सवाल उठने लगे कि अगर मंदिर में गैर हिंदुओं को प्रवेश नहीं है तो एरिक कैसे भीतर जा पाए...।

महाराष्ट्र से भी पहले बिहार के कोसी अंचल में मनाया जाता था भव्य गणेश उत्सव: एक तरफ तिलक ने जगाई सांस्कृतिक चेतना, दूसरी तरफ...

गंगानाथ झा को दरभंगा राजपरिवार की नौकरी से निकाल दिया गया था, क्योंकि उन्होंने महाराजा की बात न मान शंकरपुर में गणेश पूजा करने का वादा निभाया।

हुमायूँ वाली ‘सेक्युलर मूर्खता’ की सुधा मूर्ति भी हुईं शिकार, आप जानिए रक्षाबंधन का असली इतिहास: इंद्र-शची और राजा बलि से जुड़ा है इसका...

शुक्राचार्य ने बलि से 1 वर्ष के लिए आक्रमण न करने को कहा और श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर को समझाया कि श्रावण पूर्णिमा के अवसर पर उपवास करना चाहिए।

अयोध्या के रामलला लाओस के पोस्टेज स्टाम्प पर: प्राचीन है ‘हजार हाथियों की भूमि’ से भारत का कनेक्शन, रामायण से लेकर पंचतंत्र तक वहाँ...

व्यिंचन में स्थित लुआंग को इसीलिए निर्मित किया गया था, ताकि वहाँ राजगीर से आए बौद्ध धर्म के अवशेषों को संरक्षित किया जा सके। दोनों देशों की संस्कृति मिलती-जुलती है।

T20 विश्व कप जीतने के बाद बागेश्वर धाम वाले बाबा के चरणों में कुलदीप यादव, गुरु पूर्णिमा पर लिया आशीर्वाद: टूर्नामेंट में झटके थे...

वीडियो में देखा जा सकता है कि मंच पर पहुँच कर वो बागेश्वर धाम वाले बाबा के पाँव छूकर उनका आशीर्वाद लेते हैं, फिर वहीं नीचे पालथी मार पर बैठ जाते हैं।

राक्षस के नाम पर शहर, जिसे आज भी हर दिन चाहिए एक लाश! इंदौर की महारानी ने बनवाया, जयपुर के कारीगरों ने बनाया: बिहार...

गयासुर ने भगवान विष्णु से प्रतिदिन एक मुंड और एक पिंड का वरदान माँगा है। कोरोना महामारी के दौरान भी ये सुनिश्चित किया गया कि ये प्रथा टूटने न पाए। पितरों के पिंडदान के लिए लोकप्रिय गया के इस मंदिर का पुनर्निर्माण महारानी अहिल्याबाई होल्कर ने करवाया था, जयपुर के गौड़ शिल्पकारों की मेहनत का नतीजा है ये।

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