धर्म और संस्कृति

माथे पर तिलक, तन पर भगवा और मन में उत्साह: महाकुंभ में विदेशी श्रद्धालुओं का लगा तांता, रूसी महिला बोली- ‘मेरा भारत महान’, ब्राजील...

ब्राजील से आए एक श्रद्धालु ने कहा, "मैं योग करता हूँ और मैं मोक्ष की तलाश में हूँ। भारत विश्व की धर्म की राजधानी है। मैं पहले वाराणसी गया था और अब यहाँ आया हूँ।"

‘ब्राह्मणवादी सोच है मदिरों में दर्शन के समय कमीज नहीं पहनना’: केरल में हिंदू आस्था पर प्रहार के लिए ‘सुधारक मठ’ और वामपंथी सरकार...

NSS महासचिव जी. सुकुमारन नायर ने सवाल उठाया कि सच्चिदानंद स्वामी को किस अधिकार से मंदिर की परंपराओं को चुनौती देने का हक है।

यह सनातनी आस्था का ही महाकुंभ नहीं, अर्थव्यवस्था को भी देता है गतिः आयोजन पर जितना खर्च करते थे अंग्रेज, उससे अधिक आता था...

सन 1906 तक महाकुंभ के आयोजन में ब्रिटिश भारत की सरकार जितना खर्च करती थी, उससे अधिक इस मेले से उसे राजस्व मिल जाता था।

दुनिया के लिए अबूझ, पर हमारे पुराणों में दर्ज है सब कुछः जानिए क्या है महाकुंभ का खगोलीय महत्व, कितनी प्राचीन यह सनातनी परंपरा;...

महाकुंभ का उल्लेख वेदों, पुराणों और महाकाव्यों में मिलता है। श्रीमद्भागवत पुराण, विष्णु पुराण और महाभारत में समुद्र मंथन की कथा को विस्तार से बताया गया है।

उत्तराखंड की जिस सुरंग में फँसे थे 41 श्रमिक, वहाँ अब ‘बाबा बौखनाग’ का मेला: जानिए कौन हैं वे देवता जिनके सामने सिर झुकाने...

उत्तराखंड में सिल्क्यारा सुरंग में हादसे वाली जगह पर एक वर्ष बाद बाबा बौखनाग का मेला लगा है। इसमें अर्नाल्ड डिक्स भी बुलाए गए हैं।

माता सीता, द्रौपदी, राजा प्रियवद… छठी मैया की उपासना की पौराणिक कथाओं के बारे में जानिए: जीवन में संयम, शुद्धता और आत्म-नियंत्रण की भावना...

छठ पूजा एक ऐसा पर्व है जो जीवन में संयम, शुद्धता, और आत्म-नियंत्रण की भावना को जागृत करता है। यह हमें प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने और सामाजिक एकता को बढ़ावा देने का संदेश देता है।

नहाय-खाय के साथ शुरू हुआ सूर्य उपासना का 4 दिन का अनुष्ठान: विस्तार से जानिए क्यों होता है छठ, क्या हैं इसके तात्पर्य

5 नवंबर, 2024 से नहाय-खाय के साथ सूर्योपासना के महापर्व छठ का चार दिवसीय अनुष्ठान की शुरुआत हो चुकी है। 7 नवंबर तारीख को डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। 8 नवंबर को उगते सूर्य को।

राम मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा के बाद पहली दीवाली मना रही अयोध्या, जानिए क्यों इसे कह रहे ‘महापर्व’: दीपदान की तैयारियों से लेकर सुरक्षा तक...

अयोध्या के एक महंत ने कहा कि उनकी उम्र 50 साल से अधिक हो रही है, पर इतनी भव्य दीपावली उन्होंने पहले कभी नहीं देखी।

28 लाख दीपों से जगमग होंगे 55 घाट, 50 क्विंटल फूलों से सजेगा राम मंदिर… अयोध्या में प्राण-प्रतिष्ठा के बाद पहली दीवाली: 30 हजार...

अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद पहली दीवाली पर 28 लाख दीए जलाए जाएँगे। अयोध्या में यह दीए 55 घाटों पर बिछाए जा रहे हैं।

‘कटे हुए पेड़ से ज्यादा सस्ता है कटा हुआ सिर’: 3 बेटियों के साथ बलिदान हुईं अमृता देवी, कुल 363 लोग कुल्हाड़ी से काटे...

अमृता देवी समेत 363 बिश्नोइयों का बलिदान देख महाराजा अभय सिंह ने आदेश जारी किया कि बिश्नोइयों के ग्रामों के आसपास न पेड़ काटे जाएँगे और न जानवर मारे जाएँगे।

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