ऑप्टिक्स और मेकेनिक्स के माध्यम से भारत के वैज्ञानिकों ने ये कमाल किया। सूर्य की किरणों को लेंस और दर्पण के माध्यम से सीधे राम मंदिर के गर्भगृह में रामलला के मस्तक तक पहुँचाया गया।
राम नवमी के दिन प्रभु राम का अयोध्या में सूर्य की किरणों स तिलक हो पाए... इसके लिए पूरी व्यवस्था की जा रही है। दर्पणों की मदद से किरणों को डायवर्ट करके ऐसा संभव होगा।
आग की लपटें करीबन ढाई घंटे तक प्रतिमा के पास जलती रहीं। इस दौरान धीरे-धीरे माँ पर चढ़ाई जाने वाली चुनर और धागे सब भस्म हो गए। माँ की प्रतिमा वैसी की वैसी रही।