इस ऐतिहासिक क्षण का हिस्सा बनते हुए यूरोप के लोग पेरिस में 'राम रथ यात्रा' में भाग लेंगे और एफिल टॉवर के पास प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम का लाइव प्रसारण देखेंगे।
वैष्णव समाज में रामानुज की परंपरा में ही संत रामानंदाचार्य हुए, जिन्होंने विशिष्टाद्वैत सिद्धांत को आगे बढ़ाया। अहं का त्याग और समर्पण - रामानंदी भक्ति धारा इन्हीं पर आधारित है। रामलला एक बालक हैं, इसीलिए संरक्षक बन कर पुजारी पूजा करेंगे।