महिला ने कहा, कहा, "बहन के हिसाब से हमलोग आए हैं सारा सामान लेकर, गृह प्रवेश है तो घर खाली होगा। नया घर बन रहा है तो उसमें भरने के लिए सामान लेकर आए हैं।"
अयोध्या जाते समय राम बहादुर ने अपनी पत्नी से कहा था, "मैं शायद न लौट पाऊँ। बच्चों का ध्यान रखना।" नम आँखों से काली सहाय ने कहा, "मेरे पिता के लिए पत्नी और बच्चों से कहीं अधिक प्रिय प्रभु श्रीराम थे।"
सरस्वती देवी की उम्र 85 साल है। वे झारखंड के धनबाद में रहती हैं। करीब 30 साल से मौन व्रत में हैं। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए उन्होंने यह संकल्प लिया था।
TTD के एग्जीक्यूटिव अधिकारी AV धर्मा रेड्डी ने कहा कि संस्था का प्राथमिक उद्देश्य हिन्दू धर्म एवं इसकी संस्कृति व मूल्यों का प्रचार-प्रसार करना ही है, ऐसे में वो राम जन्मभूमि पूजा का हिस्सा बन कर सौभाग्यशाली महसूस कर रहे हैं।
CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने द्वारकाधीश मंदिर में पत्नी के साथ भगवान श्रीकृष्ण की चरण पादुका की पूजा की। पुजारियों और अधिकारियों ने ध्वजा के साथ शोभा यात्रा भी निकाली।