कवि मनोज मुंतशिर ने अपने उक्त वीडियो में मुगल बर्बरता का खुलासा किया है, जिसके बाद उन्हें लिबरलों, इस्लामियों और वामपंथी ‘इतिहासकारों’ के नफरतों का सामना करना पड़ रहा है।
निमिषा ने अपनी गलती स्वीकारते हुए कहा कि वह परंपराओं के खिलाफ नहीं हैं। उन्हें इसके बारे में कोई जानकारी नहीं थी कि धार्मिक स्थल में पल्लियोडम नौका पर चढ़ना गलत है।
समस्या तब पैदा होने लगती है जब रावण को 'महान' दिखाने के चक्कर में भगवान श्रीराम के किरदार से खेल दिया जाता है और उन्हें नीचा दिखाया जाता है। प्रतीक गाँधी की 'रावण लीला' में यही किया गया है।