Wednesday, September 29, 2021
Homeराजनीति'CM योगी की नफरत, जो वो हमेशा उगलते रहते हैं': 'अब्बाजान' बयान से भड़के...

‘CM योगी की नफरत, जो वो हमेशा उगलते रहते हैं’: ‘अब्बाजान’ बयान से भड़के नसीरुद्दीन शाह, कहा – ‘अ’ से अनर्थ

"एक भाषा में 'अ' लिखना चाहता हूँ। 'अ' से अनार 'अ' से अमरूद। लेकिन लिखने लगता हूँ 'अ' से अनर्थ या 'अ' से अत्याचार। कोशिश करता हूँ कि 'क' से कलम या करुणा लिखूँ, लेकिन लिखने लगता हूँ 'क' से क्रूरता, 'क' से कुटिलता।"

फिल्म अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा है। उन्होंने सीएम योगी के ‘अब्बाजान’ वाले बयान को आक्रमण करार दिया। उन्होंने इस बयान को ‘अवमानना के अधीन’ बताते हुए कहा कि ये प्रतिक्रिया के लायक भी नहीं है। उन्होंने इसे नफरत का सिलसिला बताते हुए कहा कि योगी आदित्यनाथ हमेशा से ऐसा उगलते रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बयान पर प्रतिक्रिया का कोई मतलब नहीं है।

नसीरुद्दीन शाह ने ये भी कहा कि हिंदुओं को भारत में बढ़ती दक्षिणपंथी कट्टरता के खिलाफ बोलना चाहिए। उन्होंने कहा कि यही समय है कि उदार हिंदू इसके खिलाफ बोलें, क्योंकि अब यह बढ़ता ही जा रहा है। उन्होंने केरल के कैथोलिक बिशप द्वारा ‘नारकोटिक्स जिहाद’ के आरोपों पर कहा कि वो मुस्लिमों को ख़त्म करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि पता नहीं किसके प्रभाव में ये बयान दिया गया, लेकिन ये समाज को अलग-थलग करने वाला है।

बता दें कि उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में एक संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने तुष्टिकरण की राजनीति करने वाले विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकारों के दौरान ‘अब्बा जान’ कहने वाले राशन हजम कर जाते थे। उन्होंने कहा था, “जब तुष्टिकरण की राजनीति प्रचलित थी, तब विकास नही था। दंगे थे, भ्रष्टाचार थे, अराजकता थी, आतंकवाद था, अत्याचार थे, अन्याय था। लेकिन आज सबका साथ है, सबका विकास है और उसके साथ सबका विश्वास है।”

इधर एक वीडियो जारी कर नसीरुद्दीन शाह ने कविता सुनाया, “एक भाषा में ‘अ’ लिखना चाहता हूँ। ‘अ’ से अनार ‘अ’ से अमरूद। लेकिन लिखने लगता हूँ ‘अ’ से अनर्थ या ‘अ’ से अत्याचार। कोशिश करता हूँ कि ‘क’ से कलम या करुणा लिखूँ, लेकिन लिखने लगता हूँ ‘क’ से क्रूरता, ‘क’ से कुटिलता। अभी तक ‘ख’ से खरगोश सुनता आया था, लेकिन अब ‘ख’ से खतरे की आहट आती है। मैं सोचता था कि ‘फ’ से फूल ही लिखा जाता होगा, लेकिन घरों के बाहर-भीतर और मनुष्यों के भीतर, उनकी आत्मा में तमाम फूल हत्यारों के गले में माला बना कर डाले जा रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि उन्हें ‘भ’ से भय लिखें को मजबूर किया जाता है, ‘द’ दमन का और ‘प’ पतन का प्रतीक है। उन्होंने आततायियों पर पूरी वर्णमाला को छीन कर समाज की हिंसा बनाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि हम कितना भी ‘ह’ से हल और हिरन लिखते रहें, इसे ‘ह’ से हत्या के लिए सुरक्षित रख लिया गया है। लोगों ने नसीरुद्दीन शाह के इस वीडियो पर कहा कि वो अपने ही मजहब की सचाई बयाँ कर रहे हैं।

 

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘उमर खालिद को मिली मुस्लिम होने की सजा’: कन्हैया के कॉन्ग्रेस ज्वाइन करने पर छलका जेल में बंद ‘दंगाई’ के लिए कट्टरपंथियों का दर्द

उमर खालिद को पिछले साल 14 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था, वो भी उत्तर पूर्वी दिल्ली में भड़की हिंसा के मामले में। उसपे ट्रंप दौरे के दौरान साजिश रचने का आरोप है

कॉन्ग्रेस आलाकमान ने नहीं स्वीकारा सिद्धू का इस्तीफा- सुल्ताना, परगट और ढींगरा के मंत्री पदों से दिए इस्तीफे से बैकफुट पर पार्टी: रिपोर्ट्स

सुल्ताना ने कहा, ''सिद्धू साहब सिद्धांतों के आदमी हैं। वह पंजाब और पंजाबियत के लिए लड़ रहे हैं। नवजोत सिंह सिद्धू के साथ एकजुटता दिखाते हुए’ इस्तीफा दे रही हूँ।"

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
125,039FollowersFollow
410,000SubscribersSubscribe