बुधवार को पाकिस्तान ने कश्मीर में एलओसी (LOC) पर भारतीय सैनिकों पर सीज़फायर (संघर्ष विराम) के उलंघन का आरोप लगाया है। इसके संबंध में पाकिस्तान ने एक वरिष्ठ भारतीय राजनयिक को तलब भी किया है।
बीते साल भारतीय वायुसेना ने बालाकोट में आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया था। इस घटना से करीब 189 साल पहले भी बालाकोट में रणजीत सिंह की सेना ने जिहादियों का ऐसे ही सफाया किया था।
वह सावरकर ही थे जिन्होंने पहले मराठी और फिर अंग्रेजी में प्रकाशित ‘1857 का स्वातंत्र्य समर’/The Indian War of Independence के ज़रिए इस लड़ाई के असली रूप को जनचेतना में पुनर्जीवित किया।
भारतीय प्रवासियों ने पाकिस्तान में एक नाबालिग हिंदू लड़की महक कुमारी, जिसे जबरन इस्लाम में परिवर्तित किया गया था और सिंध में मुस्लिम व्यक्ति से शादी कराई गई थी, के लिए न्याय की माँग की। प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने 'जस्टिस फॉर महक कुमारी', 'स्टैंड अप फॉर ह्यूमन राइट्स' जैसे पोस्टर लेकर नारे लगाते दिखे।
संत तिरुमानकई अलवार की 15वीं शताब्दी की यह कांस्य प्रतिमा वर्ष 1967 के साउथबेई की नीलामी में नीलाम की गई और इस तरह आखिरकार यह प्रतिमा ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के एश्मोलीन संग्रहालय पहुँची।
मुसलमानों का मसीहा बनने की कोशिश में महातिर पिछले कुछ समय से भारत के खिलाफ जमकर जहर उगल रहे थे। संयुक्त राष्ट्र महासभा में जम्मू-कश्मीर पर गलतबयानी करते हुए भारत पर कई आरोप मढ़े थे। रोहिंग्या मुसलमानों पर कथित अत्याचार का रोना रोया था।
सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी वाला देश होने के बावजूद इंडोनेशिया की संस्कृति में रामायण रची-बसी है। यहॉं की रामलीला दुनियाभर में प्रसिद्ध है। कुछ दिनों यहॉं हिंदू यूनिवर्सिटी की शुरुआत की गई है।
स्लोवाकिया देश सिर्फ अपनी बॉर्डर में सिर्फ ईसाई माइग्रेंट्स को ही आने की इजाजत देता है। यानी, अगर देश की सीमा पार करने की कोशिश कोई मुस्लिम करता है, तो उसे भगा दिया जाता है। इससे साफ़ है कि ये देश मुस्लिमों को सीमा में नहीं आने देना चाहता।
वे सार्वजनिक तौर पर कम दिखती हैं। उनकी शख्सियत रहस्यमय है। दावा किया जाता है कि वे आइने में नजर नहीं आतीं और जिन्न पाल रखे हैं। अब उनकी कथित बेदअबी का खामियाजा अधिकारियों को भुगतना पड़ा है।