सलाहुद्दीन ने कहा कि कश्मीरियों को 'दासता' से मुक्त कराने के लिए अब मजबूत क़दम उठाने का समय आ गया है। उसने कहा कि अगर इसमें कोई भी दिक्कत आती है तो जम्मू कश्मीर में 8 साल के बच्चों से लेकर 80 साल के बूढ़ों तक, सभी को हथियार थमाया जाना चाहिए।
दिल्ली का जामा मस्जिद, जिसे शाहजहाँ ने बनवाया था। औरंगज़ेब के आदेश से मंदिरों से लूटी गईं हिन्दू देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को जामा मस्जिद की सीढ़ियों के नीचे दफ़न कर दिया गया था। इसका सबूत है 'मसीर-ई-आलमगीरी', जो औरंगज़ेब की जीवनी है। पढ़िए क्या लिखा है इसमें?
अब तक इराक में चल रहे विरोध प्रदर्शनों में 320 लोग मारे जा चुके हैं। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच लगातार झड़प हो रही है। हज़ारों लोग इस विरोध प्रदर्शन में घायल भी हुए हैं। गुरुवार को प्रदर्शनकारियों व सुरक्षा बलों के बीच झड़प में 65 लोग घायल हुए थे।
"सचिन के साथ शैफ़ाली पढ़ती थी। उसने एक बार स्कूल में कह दिया, 'सचिन की माँ कितनी अजीब दिखती है।' अगले दिन मुझे स्कूल बुलाया गया। क्योंकि सचिन ने शैफ़ाली को सीने में मारा था और वो रो रही थी। सचिन ने बेझिझक बताया कि शैफ़ाली ने जो आपके बारे में कहा, इसलिए मारा।"
"'संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय' में समझने की बात यह है कि 'संस्कृत विद्या' किसी भी धर्म का व्यक्ति पढ़-पढ़ा सकता है। लेकिन 'धर्म विज्ञान' के लिए, सनातन हिन्दू परम्पराओं, वेद, वेदांग, कर्मकाण्ड, ज्योतिष के प्रति पूरी श्रद्धा और भाव से समर्पित लोगों को ही पद दिया जा सकता है।"
यह अभिषेक मातरम नामक हिन्दू साम्राज्य के स्वर्ण काल का भी परिचायक है। उस समय के हिन्दू तावुर अगुंग नामक एक अनुष्ठान करते थे, जिसके बारे में वे मानते थे कि इससे मनुष्यों के साथ समस्त ब्रह्माण्ड को ही पवित्र किया जाता है।
1 मिनट 45 सेकंड के इस वीडियो को वॉर ऑन फियर नाम के यूट्यूब चैनल पर अपलोड किया गया है। कई सौ की तादाद में कैसे बंदी बनाकर, उनकी आँखों पर पट्टी चढ़ाकर ट्रेन से शियानजिंग में स्थांतरित किया जा रहा है।
अपने अंतर्मन में हर हिन्दू यह बात जानता था कि श्री राम व राम का नाम हिन्दू धर्म की आत्मा है। राम गए तो हिन्दू धर्म नहीं बचेगा। वह आस्था, वह श्रद्धा जो हमारे रक्त और हमारी हड्डियों में समाई हुई है। राम का ‘तत्व’ ही वह शाश्वत धारा है जिसने हिन्दू समाज को विषम-से-विषम परिस्थिति में भी स्पंदित व जीवित रखा है, तथा सदैव रखेगी।
"100 दिन से ज्यादा हो गए, जब कश्मीरी को इंटरनेट की सेवा नहीं दी जा रही है। इसलिए हमें इस बात का पता लगाना है कि क्या सैटेलाइट के जरिए हम कश्मीर में लोगों को इंटरनेट सुविधा दे सकते हैं। और अगर ऐसा किया जा सकता है तो उसकी तकनीकी संभावनाएँ क्या हैं?"