एक तरफ़ जहाँ बेसागाराहल्ली थाना क्षेत्र में विभिन्न गाँवों में उपद्रवी तत्वों ने मंदिरों में तोड़-फोड़ करते हुए मूर्तियों को नुकसान पहुँचाया है। वहीं दूसरी ओर इलाके में सांप्रदायिक तनाव भी फै़ल गया है
जिस प्रकार की भाषा CUSAT प्रशासन द्वारा प्रयोग की गई उससे यही पता चलता है कि कुलपति द्वारा उत्तर भारतीय और दक्षिण भारतीय छात्रों में भेदभाव करने का प्रयास किया गया।
औरंगज़ेब 4 जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फैंट्री के साथ थे लेकिन उन्हें 44 राष्ट्रीय राइफ़ल्स में तैनात किया गया था। वह सैन्य अधिकारी मेजर शुक्ला के निजी गार्ड थे, जिन्होंने आतंकवादी समीर टाइगर को मारा था।
मक़बूल शेरवानी के इस कृत्य को आज भी याद किया जाता है और बारामुला में भारतीय सेना ने उसका स्मारक भी बनवाया है। प्रसिद्ध उपन्यासकार मुल्कराज आनंद मक़बूल शेरवानी से इतने प्रभावित हुए थे कि उन्होंने उसके ऊपर एक उपन्यास लिखा जिसका शीर्षक था: Death of a Hero.
सरकारी बयान के बाद मैंने कुंभ को एक पत्रकार के नजरिए से देखना शुरू कर दिया। मैं देखना चाहता था कि क्या वाकई में कुंभ में पहुँचने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए अच्छी तैयारी की गई है या सबकुछ कागजी और हवा-हवाई है?