बरेली के एक स्कूल में दो टीचर बच्चों को इस्लामी विधि से प्रार्थना करवा रहे थे। सोशल मीडिया पर जब इसकी वीडियो वायरल हुई तो हिंदू संगठन भड़क गए और केस दर्ज हुआ।
रिबिका के शव के टुकड़े का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर भी उसके साथ हुई क्रूरता से हैरान हैं। उनका कहना है कि उन्होंने ऐसा पोस्टमार्टम अपनी जिंदगी में कभी नहीं किया।
महामुद्दीन खान हिंदू धर्म अपनाने के बाद से टोंटरी गाँव के चामण माता के मंदिर में पूजा-अर्चना करते थे और यहीं पर रहते थे। 20 दिसंबर को उनकी निर्मम हत्या कर दी गई।