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इस्लाम छोड़ हिंदू बने थे महामुद्दीन खान, माता मंदिर में करते थे पूजा-अर्चना: राजस्थान में धारदार हथियार से काटा, बोरों में भरकर लाश के टुकड़े फेंके

महामुद्दीन खान ने 10 साल पहले इस्लाम छोड़ हिंदू धर्म अपना लिया था। हिंदू धर्म अपनाने के बाद से वह टोंटरी गाँव के नजदीक पार्वती नदी के बीहड़ों में स्थित चामण माता के मंदिर में पूजा-अर्चना करते थे और यहीं पर रहते थे। दो दिन पहले बदमाशों ने पुजारी की निर्मम हत्या की और शव के टुकड़े बोरों में भरकर फेंक दिए।

राजस्थान के धौलपुर में इस्लाम छोड़ हिंदू पुजारी बने शख्स की नृशंस हत्या का मामला सामने आया है। यह घटना कंचनपुर थाना क्षेत्र के टोंटरी गाँव की है। 60 वर्षीय महामुद्दीन खान माता मंदिर के पुजारी थे। मंगलवार (20 दिसंबर 2022) रात को कुछ बदमाशों ने धारदार हथियारों से काटकर उनकी बेरहमी से हत्या कर दी। इसके बाद लाश के कई टुकड़े करके उसे बोरों में भरकर फेंक दिया।

अगले दिन ग्रामीणों ने बोरों में बंद लाश देखने के बाद इसकी सूचना कंचनपुर थाना पुलिस को दी गई। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुँचकर शव के टुकड़ों को अपने कब्जे में ले लिया और जाँच में जुट गई। बताया जा रहा है कि मंदिर के पास एक गुफा में रहने वाले तीन साधु घटना के बाद से फरार हैं। इनका महामुद्दीन के साथ मनमुटाव चल रहा था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मृतक पुजारी महामुद्दीन खान ने 10 साल पहले इस्लाम मजहब को छोड़कर हिंदू धर्म अपना लिया था। हिंदू धर्म अपनाने के बाद से वह टोंटरी गाँव के नजदीक पार्वती नदी के बीहड़ों में स्थित चामण माता के मंदिर में पूजा-अर्चना करते थे और यहीं पर रहते थे। दो दिन पहले बदमाशों ने पुजारी की निर्मम हत्या कर, उनकी लाश के टुकड़े कर पार्वती नदी किनारे चार अलग-अलग बोरों में डालकर फेंक दिया। बुधवार (21 दिसंबर 2022) सु​ब​ह ग्रामीणों ने जब बोरों में बंद खून से लथपथ लाश देखी तो इलाके में हड़कंप मच गया। इसके बाद उन्होंने पुलिस को घटना की जानकारी दी।

कुछ मीडिया रिपोर्ट में पुजारी का नाम बहाबुद्दीन खान बताया जा रहा है। धौलपुर जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने इस संबंध में कि टोंटरी गाँव के चामण माता मंदिर में महामुद्दीन पुजारी था। पुजारी की धारदार हथियारों से काटकर हत्या की गई। शव के टुकड़ों को चार प्लास्टिक के बारों में पार्वती नदी के किनारे से बरामद किया गया है। प्रारम्भिक जाँच में सामने आया है कि चामण माता मंदिर के पास एक गुफा है, जहाँ तीन साधु भी रहते हैं। इन साधुओं के साथ महामुद्दीन का मनमुटाव चल रहा था। ये तीनों अभी फरार हैं। पुलिस टीम गठित कर उनके संबंधित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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