दंपत्ति के बेटे ने सुरक्षा की दृष्टि से हिंदू रीति से अंतिम संस्कार करने का फैसला किया था। उनके पार्थिव देह ताबूत में रखकर दफनाने के बजाए अग्नि में जला देना उसे कोरोना सुरक्षा की दृष्टि से ज्यादा ठीक लगा।
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना संक्रमण के कारण शनिवार को रात आठ बजे से राज्य में होंने वाले कर्फ्यू के दौरान औद्योगिक इकाईयाँ चालू रहने के अलावा अन्य कई निर्देश दिए हैं।
मरीजों की बढ़ती संख्या के चलते बीएमसी के प्रमुख अस्पतालों में बेड मिलना एक बड़ी चुनौती बन गई है। मृतकों का आँकड़ा भी डरा रहा है। इस बीच कई धार्मिक स्थल मदद को आगे आ रहे हैं और मुश्किल समय में इस बात पर जोर दे रहे हैं कि मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं होता।
महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती ने कहा कि वह सनातन धर्म के अनुयायी हैं और किसी भी दूसरे पंथ या मजहब के विरोधी नहीं हैं लेकिन दूसरे मजहब को अपने पर थोपे जाने के विरोधी अवश्य हैं।
मुंबई के रहने वाले पीड़ित परिवार का आरोप है कि आरोपित पादरी ने उनकी बेटी के कैंसर के इलाज के बहाने उन्हें 80 हजार रुपए का चूना लगा दिया। परिवार का आरोप है कि इलाज के बहाने पादरी ने हिंदू परिवार का ईसाई धर्मान्तरण कराने की कोशिश की थी।
महाराष्ट्र के कल्याण में रहने वाले डॉक्टर पिता-पुत्र की मौत ने सबको झकझोर कर रख दिया है। वहीं, डॉक्टर के परिवार के एक और सदस्य अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं।
शुक्रवार को राजस्थान की अजमेर शरीफ दरगाह बाजार में जुमे की नमाज के बाद बड़ी संख्या में कट्टरपंथी मुसलमानों की भीड़ इकट्ठा हुई। मुस्लिमों ने नरिसंहानंद सरस्वती की गिरफ्तारी की माँग की।