लड़की के पिता ने बताया कि उनकी बेटी बीएससी की छात्रा है और कम्प्यूटर कोचिंग के लिए जाती है। अक्टूबर 17 को जब वो कोचिंग से वापस नहीं आई तो परिजनों ने खोजबीन शुरू की। फिर किसी ने बताया कि एक लड़का उसे ले गया है।
अलीगढ़ के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में काम कर रहे दो डॉक्टरों को तत्काल प्रभाव से टर्मिनेट कर दिया गया है। हाथरस रेप पीड़िता को दिल्ली शिफ्ट किए जाने से पहले उसकी इसी अस्पताल में इलाज हुई थी।
"हमें ये भूलना नहीं है कि लॉकडाउन भले चला गया हो, मगर वायरस नहीं गया है। बीते 7-8 महीनों में, प्रत्येक भारतीय के प्रयास से, भारत आज जिस संभली हुई स्थिति में हैं, हमें उसे बिगड़ने नहीं देना है और अधिक सुधार करना है।"
2009 में 26/11 मुंबई आतंकवादी हमले के तुरंत बाद हमले के दौरान कर्तव्य की लापरवाही के आरोप में परमबीर सिंह और तीन अन्य अतिरिक्त पुलिस कमिश्नरों के खिलाफ याचिका दायर की गई थी।
परिजनों का आरोप है कि वे दिल्ली के तीन बड़े-बड़े सरकारी अस्पतालों का में गए, लेकिन किसी भी अस्पताल ने उसे एडमिट नहीं किया, सभी ने इनकार कर दिया, जिसके बाद बच्चे की मौत हो गई।