डॉक्टर का कहना है कि उन पर हमले की तैयारियाँ पहले से ही कि गई थी। जब उनका दल वहाँ पहुँचा तो उन पर हर तरफ से पत्थरबाजी शुरू हो गई। महिलाएँ भी अपनी छतों से ईंट और पत्थर बरसा रहीं थीं।
इससे पहले मुंबई के भाटिया अस्पताल में तीन मरीज कोरोना वायरस से पॉजिटिव मिले थे। इसके बाद इनके संपर्क में आए डॉक्टरों और नर्सों के कोरोना वायरस से पॉजिटिव पाए जाने के बाद से प्रशासन ने सभी कर्मचारियों की जाँच शुरू की दी थी।
12 अप्रैल को एक पत्र प्रधान सचिव आपदा प्रबंधक विभाग को जारी किया गया था। पत्र के माध्यम से बताया गया था कि बिहार शरीफ स्थित शेखना मस्जिद में 14 से 15 मार्च तक तबलीगी मरकज का एक सम्मेलन हुआ था, जिसमें बिहार के करीब 640 लोगों ने हिस्सा लिया था।
दिल्ली के मदरसों में छात्रों को कमरों में भेंड़-बकरियों की तरह रखा जा रहा है। मदरसा के शिक्षकों ने बताया कि वे छात्रों को छिपा के रखते हैं, ताकि पुलिस उन्हें लेकर नहीं जाए। उन्होंने कुछ पुलिसकर्मियों को घूस तक देने का दावा किया था।
जनता कर्फ्यू के दिन घंटी-थाली बजाने पर पड़ोस में ही रहने वाले 7-8 मुस्लिम युवकों ने मृतक रेवत सिंह (रेवंत सिंह के घर जाकर उनके साथ धक्का-मुक्की करते हुए कहा था कि यहाँ किसी मोदी का नहीं, बल्कि उनका कानून चलता है। जैसा वो कहेंगे उन्हें मानना होगा।
मेडिकल टीम मुरादाबाद के नवाबपुरा इलाके में पहुॅंची थी। यहॉं कोरोना संक्रमण से दो युवक की मौत हो चुकी है। मस्जिद हाजी नेब के पास स्थानीय लोगों ने एंबुलेंस को घेर कर अचानक हमला कर दिया। ईंट, पत्थर के साथ लाठी-डंडों का भी इस्तेमाल किया।
गोरखपुर में एक कोरोना अस्पताल बनाया जाएगा, ऐसा स्वास्थ्य विभाग ने निर्णय लिया है। इस अस्पताल में गुरु गोरक्षनाथ अस्पताल के 154 बेड्स और 4 वेंटिलेटर का इस्तेमाल किया जाएगा।
पुलिस ने विरोध कर रहे लोगों को कई बार समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने और देखते ही देखते पुलिस के खिलाफ नारेबाजी के साथ विरोध कर रहे लोगों ने ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया। इस दौरान पुलिस टीम अपनी जान बचाकर वहाँ से मंडी थाने पहुँची।
एक तरफ दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल लाखों लोगों के भोजन की व्यवस्था का दावा कर रहे हैं। दूसरी ओर प्रवासी श्रमिकों की जो तस्वीरें आ रही है वह उनके दावों की पोल खोल रहे हैं। इन्हें एक वक्त का भोजन नसीब है और वह भी एक गुरुद्वारे से मिल रहा।