बिहार में चलाए जा रहे अभियान के तहत बिहार पुलिस ने मंगलवार को विभिन्न जिलों में मौजूद तबलीगी जमात से जुड़े 57 विदेशी जमातियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इन जमातियों को पुलिस ने मस्जिद में छिपने, पुलिस को सूचना न देने और वीजा नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
गाइडलाइन के अनुसार, मुँह पर मास्क लगाना अनिवार्य कर दिया गया है और सार्वजनिक स्थानों पर तंबाकू, गुटका आदि खाकर थूकना या शराब बेचना प्रतिबंधित कर दिया गया है। इस लॉकडाउन में कृषि से जुड़े कामों के लिए रियायत दी जाएगी।
दिल्ली के लोकनायक अस्पताल में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए गई महिला डॉक्टर के साथ मरीज ने अभद्रता की और जब एक पुरूष डॉक्टर उन्हें बचाने वहाँ पहुँचा तो मरीजों ने उन पर भी हमला कर दिया। स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने खुद को ड्यूटी रूम में छिपाया लेकिन मरीजों की भीड़ ने...
कॉन्ग्रेस MLA इमरान खेड़ावाला ने मंगलवार को ही गुजरात के मुख्यमंत्री, उप-मुख्यमंत्री और गृह राज्यमंत्री से मुलाकात की थी। इमरान खेड़ावाला पिछले कई दिनों से मस्जिदों में छिपे तबलीगी जमात से जुड़े लोगों की तलाश में जुटे हुए थे।
पुलिस ने पूछताछ की तो पता चला कि ये सभी महिलाएँ बाराबंकी की एक मीट फैक्ट्री में काम करने के लिए जा रही थीं। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बस चालक और मीट फैक्ट्री के मैनेजर सहित खदरा निवासी आफरीन, नौबस्ता मडियांव निवासी आयशा, हिना, फातिमा, मेसरजहाँ, अजीजनगर निवासी अमीना, डालीगंज निवासी रूही और प्रीति नदर मडियांव निवासी अमीना के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
मेरठ में शनिवार को पुलिस प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम शहर के जली कोठी को सील कराने के लिए पहुँची थी। इस बीच लोगों ने इसका विरोध करते हुए पुलिस टीम पर हमला बोल दिया था। इस दौरान हुए पथराव में सिटी मजिस्ट्रेट और एक दरोगा घायल हो गए थे। इस मामले में पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मस्जिद के मुतवल्ली समेत आठ लोगों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की थी।
पुलिस के अनुसार जेल भेजे गए जमातियों का वीजा जून तक वैध था, लेकिन सभी टूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे ऐसे में वह मजहबी प्रचार नहीं कर सकते थे। ये सरासर कानून का उल्लंघन है। इन सब के खिलाफ इसी मामले में एफआईआर दर्ज किया गया है।
लोगों ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की आलोचना की, जो तीन दलों की संयुक्त सरकार चला रहे हैं। उद्धव के बारे में जिस तरह से सोशल मीडिया के सेलेब्रिटीज ने कसीदे पढ़े हैं, उसके बाद लोग उन्हें मजाक में 'यूनेस्को सर्टिफाइड बेस्ट सीएम' कहने लगे हैं।
प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ये वीआईपी लोग शिक्षित होने के बावजूद भी मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं और ब्रांडेड सामान की माँग को लेकर कई बार अपना आपा भी खो दे रहे हैं। अधिकारी ने कहा कि एक वीआईपी व्यक्ति ने तो मुझ पर मुकदमा कराने की धमकी तक दे डाली थी।
वकील प्रशांत भूषण ने 28 मार्च को अपने ट्विटर हेंडल से एक ट्वीट करते हुए लिखा था कि जबरन तालाबंदी के कारण करोड़ों लोग भूखे-प्यासे घर से चले जाते हैं, हमारे हृदयहीन मंत्री रामायण और महाभारत की अफीम का सेवन और भोजन करते हैं।