एआईएमआईएम का विधायक खुद ही कह रहा है कि उसका फोन क्यों नहीं उठाया गया। इस घटना के बाद वीडियो वायरल से विधायक और उसके बदमाशों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने की माँग को लेकर अस्पताल का समूचा स्टाफ अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गया है। हालाँकि, कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों और एमरजेंसी चिकित्सा सुविधाएँ चालू रखी गई हैं।
सत्तो वाली घाटी की मस्जिद में बड़ी संख्या में लोग नमाज के लिए इकट्ठा हुए थे। पुलिस को मस्जिद की तरफ आते देख सभी अलग- अलग गलियों में घुस गए। धारा 144 उल्लंघन करने के आरोप में मस्जिद के मौलवी अब्दुल मद सहित 20- 25 अज्ञात नमाजियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
विदेश से लौट कर आने के कारण मुंबई एयरपोर्ट पर इन सभी को क्वारेंटाइन की मुहर लगाई गई थी। इसे इन्होंने मिटा दिया। जाँच-पड़ताल से बचने के लिए मुंबई से ट्रेन के जरिए लखनऊ ट्रेन पहुँचे। वहॉं से बस से पीलीभीत पहुॅंचे।
अबरार अहमद ने ट्वीट कर बताया था कि सीएए का समर्थन करने वाले गैर मुस्लिम छात्रों को फेल कर दिया है। ऑपइंडिया ने इसकी रिपोर्ट की और यूनिवर्सिटी प्रशासन ने उसके ट्वीट के आधार पर कार्रवाई।
मैनपुरी की एक मस्जिद में नमाज अदा करने के लिए भीड़ इकट्ठा हो गई। पुलिस ने जब रोका तो मुस्लिम समाज के लोग आक्रोशित हो गए। अधिकारियों ने किसी तरह लोगों को समझा-बुझाकर हालात पर काबू पाया।
"मैंने जामिया से MA किया है। प्रथम वर्ष में 67% अंकों के साथ टॉप भी किया था। लेकिन हिजाब वाली एक डायरेक्टर मुझे हमेशा नीचा दिखाती थी, क्योंकि उन्हें मेरा नाम नहीं पसंद था। नक्सलियों के प्रति झुकाव रखने वाले एक अन्य प्रोफेसर ने मुझे हमेशा कम नंबर दिए। जिहादी नक्सलियों की सॉंठगॉंठ काफी मजबूत है।"
खुद को देवी का रूप बताने वाली सुभद्रा यादव लॉकडाउन के बावजूद अपने घर में लोगों को इकट्ठा कर झाड़-फूँक कर रही थी। पुलिस जब मौके पर पहुॅंची तो उसने तलवार निकाल कर कार्रवाई का विरोध किया।
सऊदी से लौटी जिस महिला के कारण मोहल्ला क्लीनिक के डॉक्टर, उनकी पत्नी, बेटी समेत कई लोगों पर ये आफत आ बनी है, वो दिल्ली में कोरोना का 10वाँ केस है। इस महिला का भाई भी कोरोना संक्रमित है जो सीएए विरोधी प्रदर्शनों में जाता रहा है।
अबरार ने ट्वीट करते हुए लिखा था कि मेरे सभी विद्यार्थी पास हो गए, सिर्फ 15 गैर मुस्लिमों को छोड़कर, जो सीएए के समर्थन में थे या फिर सीएए का विरोध करने वालों के खिलाफ में थे।
दो भाई। बांग्लादेश के एक ही मेडिकल कॉलेज में पढ़ते हैं। एक फ्लाइट से आता है, ट्रैवल हिस्ट्री बताता है। क्वारेंटाइन कर दिया जाता है। दूसरा, सड़क से चलता है और अपने घर पहुॅंच जाता है। मकसद, ट्रैवल हिस्ट्री छिपाना ताकि आइसोलेट न हो। ऐसे एक-दो नहीं सैकड़ों मामले घाटी में सामने आए हैं।