तोमर बीजेपी के मंडल अध्यक्ष थे। AIMIM के पश्चिमी यूपी के प्रभारी आरिफ की गिरफ्तारी के बाद इस हत्या में कुरैशी की भूमिका उजागर हुई थी। लेकिन वह फरार हो गया था।
इटली से लाई गई एक युवती के पिता ने अपनी भावना साझा करते हुए कहा है कि वो सालों से सरकार की आलोचना कर रहे थे। लेकिन, अब उन्हें एहसास हो रहा है कि मोदी सरकार पिता के साए (fatherly figure) जैसी है।
खबर के अंत में लिखे गए एक पैराग्राफ को पढ़कर आप अंदाजा लगा सकते हैं कि किस तरह से 'जय श्री राम' के प्रयोग से हिंदुओं को न सिर्फ दंगाई बताया गया बल्कि अपनी चापलूसी की सारी हदों को पार कर खबर में अश्लीलता भी परोसी गई कि हिंदुओं ने ही मुस्लिम महिलाओं के सामने अपने पैंट उतारे और उनको अपना लिंग दिखाया।
दरअसल, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में सुबनसर हॉस्टल के नजदीक एक सड़क का नाम बदलकर वीर सावरकर मार्ग कर दिया गया था। इसे देखने के बाद जेएनयू के वामपंथी छात्र काफी नाराज हुए थे। वामपंथी छात्रों के संघ ने इस कदम को शर्मनाक कहा था। साथ ही सावरकर के नाम पर मार्ग का नाम रखे जाने की निंदा की थी।
सरकार के हलफनामे के बाद सुप्रीम कोर्ट अब इस मामले में सुनवाई करेगा। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एस ए बोबडे ने कहा है कि अभी संविधान पीठ सबरीमाला के मामले की सुनवाई कर रही है। ये सुनवाई पूरी होने के बाद CAA मामले पर सुनवाई शुरू की जाएगी।
बुधवार (मार्च 18, 2020) की शाम 6 बजे के बाद से यस बैंक के ग्राहक सभी प्रकार की बैंकिंग सेवाओं व सुविधाओं का पूर्ववत लाभ उठा सकेंगे। बैंक के नए प्रबंध निदेशक प्रशांत कुमार ने उक्त जानकारी दी है। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर के जानकारी दी कि बैंक के पास नकदी की कोई कमी नहीं है।
कानपुर में हुई हिंसा के लिए सरकार द्वारा गठित की गई जाँच कमेटी ने यतीमखाना में 2 लाख 80 हजार रुपए के नुकसान का आकलन करके वसूली का नोटिस 21 लोगों को जारी किया था।
आज अगर हम 2016 से 2019 तक के ये घटते आँकड़े देखें। तो मालूम पड़ेगा कि योगी सरकार से पहले तक बच्चों का इस बीमारी से ग्रस्त होना एक रूटीन प्रक्रिया हो गई थी। लेकिन प्रशासन ने अपने प्रयासों से इस पर काबू पाया और लगातार बीमार होने वाले बच्चों की संख्या में गिरावट आई।
अभी तक भारत में कोरोना वायरस के चलते तीन मौत हो चुकी हैं, इनमें पहली कर्नाटक, दूसरी दिल्ली और तीसरी मौत महाराष्ट्र में हुई है। वहीं देश में कोरोना वायरस के अब तक 126 मामले सामने आ चुके हैं।
भारत में अब तक कोरोना वायरस के 126 मामले आ चुके हैं और 3 लोगों की मौत भी हो चुकी है। इनमें 22 विदेशी नागरिक शामिल हैं। मरने वाले लोग महाराष्ट्र, दिल्ली और कर्नाटक के हैं।