Monday, July 22, 2024
Homeदेश-समाजJNU में फिर से लगा 'वीर सावरकर मार्ग' का बोर्ड: वामपंथियों ने लगा दी...

JNU में फिर से लगा ‘वीर सावरकर मार्ग’ का बोर्ड: वामपंथियों ने लगा दी थी जिन्ना की तस्वीर

जेएनयूसएसयू की अध्यक्ष आइशी घोष ने अपने ट्विटर हैंडल से इसकी एक तस्वीर शेयर की थी और इस तस्वीर में साफ दिखा था कि सुबनसर हॉस्टल को जाने वाली सड़क को वीडी सावरकर मार्ग नाम दिया गया है।

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में ‘विनायक दामोदर सावरकर मार्ग’ वाले बोर्ड को फिर से ठीक कर दिया गया है, जिसके साथ वामपंथियों ने आपत्तिजनक हरकतें की थी। तब तक इस मार्ग का सिर्फ़ मौख़िक रूप से विरोध होता दिख रहा था। लेकिन रात भर में ये मामला ओछी हरकतों पर पहुँच गया। पहले मालूम चला कि इस मार्ग के बैनर पर जहाँ वीर सावरकर मार्ग लिखा था, वहाँ उनका नाम छिपाकर उसके ऊपर बड़ा-बड़ा बीआर अंबेडकर लिख दिया गया और बाद में उस पर भी कालिख पोत दी गई और वहाँ सीधे जिन्ना की तस्वीर चस्पा दी गई। जिस पर मोहम्मद अली जिन्ना मार्ग लिखा था।

दरअसल, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में सुबनसर हॉस्टल के नजदीक एक सड़क का नाम बदलकर वीर सावरकर मार्ग कर दिया गया था। इसे देखने के बाद जेएनयू के वामपंथी छात्र काफी नाराज हुए थे। वामपंथी छात्रों के संघ ने इस कदम को शर्मनाक कहा था। साथ ही सावरकर के नाम पर मार्ग का नाम रखे जाने की निंदा की थी।

जेएनयूसएसयू की अध्यक्ष आइशी घोष ने अपने ट्विटर हैंडल से इसकी एक तस्वीर शेयर की थी और इस तस्वीर में साफ दिखा था कि सुबनसर हॉस्टल को जाने वाली सड़क को वीडी सावरकर मार्ग नाम दिया गया है।

आइशी घोष ने इसी पर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए लिखा था, “ये जेएनयू की विरासत के लिए शर्म की बात है कि इस आदमी का नाम इस विश्वविद्यालय में रखा गया है। सावरकर और उनके लोगों के लिए विश्वविद्यालय के पास न कभी जगह थी और न ही कभी होगी।”

आइशी द्वारा शेयर की गई तस्वीर में जिन्ना की चस्पा हुई तस्वीरें नहीं थीं। लेकिन सोशल मीडिया पर बोर्ड पर चिपकी जिन्ना वाली तस्वीरें तेजी से शेयर की जा रही थीं। यूजर्स का कहना था कि JNUSU में बैठे जिन्ना के वंशजों ने वीर दामोदर सावरकर मार्ग बोर्ड को छतिग्रस्त कर जिन्ना अली मार्ग का पोस्टर लगा दिया था। अभिव्यक्ति की आड़ में पाकिस्तान परस्ति अब खुल कर सामने आने लगी है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

केंद्र सरकार ने 4 साल में राज्यों को की ₹1.73 लाख करोड़ की मदद, फंड ना मिलने पर धरना देने वाली ममता सरकार को...

वित्त मंत्रालय ने बताया है कि केंद्र सरकार 2020-21 से लेकर 2023-24 तक राज्यों को ₹1.73 लाख करोड़ विशेष मदद योजना के तहत दे चुकी है।

जो बायडेन फिर से बने अमेरिकी राष्ट्रपति उम्मीदवार: ‘भूलने की बीमारी’ के कारण कर दिया था ट्वीट, सदमे में कमला हैरिस, 12 घंटे से...

जो बायडेन टेस्ट ले रहे थे कमला हैरिस का। वो भोकार पार-पार के, सर पटक कर रोने के बजाय खुश हो गईं। पिघलने के बजाय बायडेन को गुस्सा आ गया और...

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -