एक ही परिवार के 12 लोगों के संक्रमित होने का मामला सामने आने के बाद प्रशासन सकते में है। उनके रिश्तेदारों को आइसोलेट कर दिया गया है। पूरे गॉंव में सैंपल इकट्ठे किए जा रहे हैं। डॉक्टरों को आशंका है कि संक्रमण की यह कड़ी काफी लंबी हो सकती है।
"एक उप जिलाधिकारी का इस तरह से लापता हो जाना सरकार को शर्मिंदा करने जैसा है। एक कप्तान इस तरह से जहाज नहीं छोड़ सकता है। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में यूपी सरकार से संपर्क किया जा रहा है।"
लॉकडाउन के 48 घंटे बाद ही देश की राजधानी दिल्ली के अलग-अलग स्लम इलाकों से ऐसी तस्वीरें आईं, जिनमें मजदूरों और उनके परिवार के लोग भूख से बिलखते दिखाई पड़े। लेकिन दिल्ली पुलिस ने मानवता की ऐसी मिसाल पेश की कि वो लोग कह उठे - 'पुलिस वाले भैया' को धन्यवाद!
आज बृहस्पतिवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राजधानी में कोरोना संक्रमण की स्थिति के बारे में बताया। केजरीवाल ने कहा कि अब तक दिल्ली में कोरोना वायरस के कुल 36 केस सामने आए हैं, जिनमें से 26 लोग विदेश से आए थे।
धर्म आस्था का विषय है, व्यक्तिगत विषय है। लेकिन शायद सबके लिए नहीं! कर्नाटक के बेलगाम में एक मस्जिद में गई भीड़ के लिए तो बिल्कुल भी नहीं। इस भीड़ के लिए नमाज पढ़ने से ज्यादा मस्जिद में नमाज पढ़ना जरूरी है।
मृतक महिला राबिया ने कोई विदेश की यात्रा नहीं की थी। हाँ, उसने उज्जैन में आयोजित सीएए विरोध में हिस्सा जरूर लिया था साथ ही इंदौर में एक शादी में भाग लिया था। इसके बाद उन लोगों में हड़कंप मच गया है, जिन लोगों ने...
एआईएमआईएम का विधायक खुद ही कह रहा है कि उसका फोन क्यों नहीं उठाया गया। इस घटना के बाद वीडियो वायरल से विधायक और उसके बदमाशों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने की माँग को लेकर अस्पताल का समूचा स्टाफ अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गया है। हालाँकि, कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों और एमरजेंसी चिकित्सा सुविधाएँ चालू रखी गई हैं।
सत्तो वाली घाटी की मस्जिद में बड़ी संख्या में लोग नमाज के लिए इकट्ठा हुए थे। पुलिस को मस्जिद की तरफ आते देख सभी अलग- अलग गलियों में घुस गए। धारा 144 उल्लंघन करने के आरोप में मस्जिद के मौलवी अब्दुल मद सहित 20- 25 अज्ञात नमाजियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
विदेश से लौट कर आने के कारण मुंबई एयरपोर्ट पर इन सभी को क्वारेंटाइन की मुहर लगाई गई थी। इसे इन्होंने मिटा दिया। जाँच-पड़ताल से बचने के लिए मुंबई से ट्रेन के जरिए लखनऊ ट्रेन पहुँचे। वहॉं से बस से पीलीभीत पहुॅंचे।