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‘खाने का इंतजाम न हो तो थाने में आओ, लेकिन बाहर मत घुमो’: बेसहारा लोगों को खर्चा दे रही है UP पुलिस

"खाने का इंतजाम नहीं हो रहा है, तो थाने पर आ जाना, सुबह-शाम भोजन नहीं मिल रहा है तो थाना नजदीक है वहाँ आ जाना। लेकिन घर से बाहर मत निकलो, सुबह 10 बजे सिद्धार्थ नगर थाने पर आ जाना, वहीं भोजन हो जाएगा तुम्हारा।"

लॉकडाउन के दौरान पूरे भारत भर में लोगों को घर से बाहर ना निकलने के सख्त निर्देश दीए गए हैं। कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए सरकार ने देश में 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा की है और लोगों को अपने घरों से बाहर ना निकलने की सलाह दी है। वायरस के संक्रमण का खतरा इतना अधिक है कि अनावश्यक रूप से बाहर देखे जा रहे लोगों के साथ पुलिस सख्ती से पेश आ रही है जिस कारण वह मीडिया के निशाने पर भी है। हालाँकि, पुलिस विभाग का मानवीय चेहरा भी इस लॉकडाउन के दौरान बाहर आया है। इन्हीं में से एक है सिद्धार्थ नगर, उत्तर प्रदेश पुलिस।

इस वीडियो में देखा जा रहा है कि सड़क पर घूम रहे एक गरीब, बेसहारा को पुलिसकर्मी अपनी जेब से 100 रुपए दे रहे हैं। बेसहारा आदमी पुलिसकर्मी के आगे हाथ फैलाते हुए देखा जा रहा है। पुलिसकर्मी उसे सौ रुपए देते हुए कह रहे हैं – “खाने का इंतजाम नहीं हो रहा है, तो थाने पर आ जाना, सुबह-शाम भोजन नहीं मिल रहा है तो थाना नजदीक है वहाँ आ जाना। लेकिन घर से बाहर मत निकलो, सुबह 10 बजे सिद्धार्थ नगर थाने पर आ जाना, वहीं भोजन हो जाएगा तुम्हारा।”

लॉकडाउन के दौरान देखा जा रहा है कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और गुजरात जैसे राज्यों में पुलिस कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ ही गरीब और बेसहारा लोगों की मदद कर रही है। दिल्ली सरकार ने भी गरीब लोगों के लिए सामूहिक भोजन का प्रबंध किया है। कई जगहों पर देखा जा रहा है कि लॉकडाउन तोड़कर सड़कों पर निकले युवकों से पुलिस ने पहले राष्ट्रगान गवाया के साथ ही लोगों को शपथ दिलवा रहे हैं कि वे बिना कारण घर से बाहर नही निकलेंगे।

ज्ञात हो कि आज लॉकडाउन का तीसरा दिन है। प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोना वायरस के संक्रमण के लिए देशवासियों से 21 दिन तक घर से बाहर ना निकलने की सलाह दी है। पुलिस और प्रशासन निरंतर लोगों की निगरानी कर रही है और उनकी आवश्यकताओं का भी ध्यान रख रही है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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