फरवरी 24, 2020 को केंद्र सरकार द्वारा जारी 'प्रधानमंत्री किसान योजना' को ठीक एक साल पूरा हो जाएगा। सरकार ने देश के अन्नदाताओं की माली हालत में सुधार के लिए इस योजना की शुरुआत की थी। वर्ष 2019 में पीएम मोदी ने उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से इस योजना का उद्घाटन किया था।
बाजार संघ के एक वरिष्ठ सदस्य ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त मध्यस्थों से मिल कर, उन्हें व्यापरियों को हो रहे वित्तीय नुकसान और इसके कारण दुकानदारों और उसके स्टॉफ को होने वाली परेशनियों से अवगत कराने की इच्छा जताई।
GSI के निदेशक डॉ. जीएस तिवारी ने बताया कि सोनभद्र की खदान में 3000 टन सोना होने की बात GSI नहीं मानता है। हालाँकि तिवारी ने कहा कि सोनभद्र में सोने की तलाश अभी भी जारी है और वहाँ जीएसआई का सर्वे अभी चल रहा है।
संजीव मराडी नामक इस व्यक्ति मीडिया के सामने राज्य सरकार से अमूल्या नामक इस "छात्र एक्टिविस्ट" को जमानत पर न छोड़ने की अपील करते हुए कहा कि इसे जमानत पर न छोड़ा जाए अन्यथा हम इसका एनकाउंटर करेंगे या जो भी ऐसा करेगा उसको 10 लाख रुपए ईनाम देंगे।
हम लोग ये सोचते थे कि सुरक्षा को देखते हुए कॉरिडोर को खोलना बड़ी चुनौती होगी। लेकिन बाद में सिख समुदाय के लोगों की माँग पर इसे खोल दिया, सुरक्षा चिंताओं को हमने ठंढ़े बस्ते में डाल दिया। सुरक्षा को लेकर ये बड़ी चिंता की बात है।
जज मिश्रा ने कहा, "राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जिन चुनौतियाँ का न्यायपालिका आज सामना कर रही है, वे समान हैं, और इस लगातार बदलते विश्व में न्यायपालिका का एक अति महत्वपूर्ण रोल है।" उन्होंने नरेंद्र मोदी को एक दूरदर्शी और प्रतिभाशाली पीएम बताया।
कॉलेज में 'आज़ादी' से जुड़े कई पोस्टर चस्पा मिल जाएँगे। जम्मू कश्मीर की 'आज़ादी' को लेकर भी कई पोस्टर लगाए गए हैं। कॉलेज के कार्यक्रमों का इस्तेमाल सीएए को लेकर भ्रम फैलाने के लिए किया जा रहा है। जम्मू कश्मीर पर 'कब्जा' और तालाबंदी होने की बात कही गई है।
"जामिया के छात्रों के खिलाफ सभी मुकदमे वापस लिए जाएँ। NPR को दिल्ली में लागू नहीं किया जाए। शाहीन बाग विरोध को लेकर दर्ज किए गए युवाओं के खिलाफ सभी मामलों को रद्द करें।"
प्रदर्शनकारियों की माँग थी कि मंदिर में मांस फेंकने वालों की पुलिस तलाश कर उन्हें गिरफ्तार करे। लेकिन अपराधियों की पहचान करने के बजाए पुलिस ने लोगों को वहाँ से हटाने की कोशिश की। प्रदर्शनकारी अपनी माँग पर अड़े रहे। इसके बाद पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया और...
वर्ष 2005-2006 के बीच यहाँ 116 कब्रें मिली थीं जबकि पिछले दो वर्षों में यहाँ 10 और कब्रें मिली हैं, जो कि 3,800 वर्ष पुरानी हैं। इसके साथ ही यह भारत के सबसे बड़े और चर्चित कब्रिस्तान की फेहरिस्त में आ जाता है