35 वर्षीय आयोजक व्यक्ति ने कहा कि वह 13 मार्च को अपनी बहन से मिला था और उसके साथ बैठकर कुछ समय भी बिताया था। इसके बाद भी वह दिल्ली के जहाँगीरपुर में सीएए विरोध में चल रहे धरने में भी शामिल हुआ। युवक ने अपनी सफाई देते हुए कहा, "मुझे उस समय अपने अंदर बीमारी का कोई लक्षण नहीं दिखा था।
लगातार बढ़ते हुए मामलों के देखते हुए भारत सरकार ने एक हफ्ते तक सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की लैंडिंग पर प्रतिबंध लगा दिया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार कोरोना अब तक दुनिया के 166 देशों में पहुँच चुका है।
पुलिस ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि बच्ची की हालत को देखते हुए उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। आरोपित युवक हिरासत में लिया जा चुका है। युवक की पहचान रामपुर निवासी इरफान के रूप में हुई है।
"सुन लो मोदी, हमारी माँ-बहनों ने टीपू सुल्तान को जन्म दिया है और तुम हमसे नागरिकता का सबूत माँगते हो! लालकिला जहाँ से झंडा फहराते हो, ये क्या तुम्हारे पूर्वजों ने बनवाया? ताजमहल जहाँ ट्रम्प को लेकर गए थे, क्या तुम्हारे पूर्वजों ने बनवाया था? तुमने शौचालय बनवाए हैं, जाओ और वहाँ से झंडा फहराओ।"
चारों युवकों के हाथ में थैला देखकर पुलिस को शक हुआ और जब उन्हें रोककर छानबीन हुई तो उसमें से 100 से ज्यादा तलवारें निकलीं। इसके बाद आरोपितों ने पुलिस को बरगलाने की कोशिश की, फर्जी रसीद दिखाई। मगर सख्ती से पूछताछ पर सब सच्चाई उगल दी।
डीसीपी ऑफिस में कार्यरत एएसआई रविंद्र बुधवार की रात करीब 7 बजे अपने भतीजे से मिलने गए थे। मगर वापसी के दौरान उन्होंने तीन लोगों के बीच आपसी झड़प होती देखी। इनमें से एक ने इसी बीच 2 राउंड गोली फायर कर दी और फिर भागना शुरू कर दिया।
गया-पटना हाइवे के किनारे बारा गाँव के पास संविधान बचाओ-देश बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले सीएए के खिलाफ चल रहे धरने के पास बुधवार देर शाम को पाँच बाईक सवार आरोपितों ने अचानक से हवाई फायरिंग कर दी। गोली आवाज सुनते ही धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों के बीच अफरा-तफरी मच गई।
खाड़ी देशों से हर दिन 23 फ्लाइट मुंबई पहुँचती है। केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार, यूएई, कुवैत, कतर और ओमान से आने वाले सभी यात्रियों को हर हाल में 14 दिनों तक क्वारंटाइन सेंटर में रहना होगा।