एक ख़ास किस्म का तेल और शहद। इन दो चीजों के साथ 7 तस्करों ने 177 हेरोइन कैप्सूल निगल डाले। इसके बाद दिल्ली के जिस होटल में ये रुकते, वहाँ मल के साथ इन कैप्सूलों को बाहर निकालते। अर्थात, मुँह से निगले गए कैप्सूलों को गुदाद्वार से बाहर निकाल कर उसकी सप्लाई की जाती। लेकिन...
एक पूर्व-बैंकर ने बताया कि 'इज्तेमा' के कारण कई बाहरी लोग इस इलाक़े में आए हुए थे। इज्तेमा में हज़ारों-लाखों की संख्या में मुस्लिम जुटते हैं और अपने मजहबी रीति-रिवाज वगैरह को पूरा करते हैं। इस घटना में 11 लोग घायल हुए हैं, जिनमें 3 पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं।
10वीं पास मोइनुद्दीन बेचता था कबाड़। हिंदू लड़की इंदिरा गाँधी को प्रेम जाल में फँसा की थी शादी। लेकिन जिहाद के लिए दे दिया तलाक। फिर जबरन कई दलितों से उसने इस्लाम कबूल करवाया। हिंदू नेता की मौत करवाकर वो तमिलनाडु में ISIS समूह का बन गया था सरगना।
दिल्ली के पॉश इलाके सुखदेव विहार स्थित इस मकान को 10 करोड़ रुपए में खरीदा गया था। जिसमें से 4.43 करोड़ वाड्रा की कंपनी ने दिए थे। ईडी ने आरोप लगाया कि इस मकान का बीकानेर जमीन घोटाले वाले अपराध को अंजाम देने में सीधा संबंध है।
सोनु को पता चला कि नीतीश कुमार के शिक्षा विभाग ने खुद बताया है कि बिहार पुलिस के पेपरों के उत्तर परीक्षा से पहले ही वॉट्सऐप पर आ गए थे। इसके बाद वो निराशा में मुख्यमंत्री से फॉर्म भरने के पैसे और उनका 3 दिन का समय वापस करने की माँग कर दी।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय और JNU छात्र संघ की बैठक हुई। स्पष्ट कहा गया कि प्रशासन प्रदर्शन में शामिल हुए छात्रों के प्रति नरम रवैया रखेगा और उन्हें सजा नहीं देगा। लेकिन JNUSU का वही अड़ियल रवैया - "VC विश्वविद्यालय को चलाने के लायक नहीं। उन्हें हटाया जाए।"
BJP राज्य सचिव एके नजीर पर एक मस्जिद के अंदर घातक हमला किया गया। वह 'जन जागृति’ रैली में शामिल होकर CAA पर लोगों को जागरुक कर रहे थे। इस रैली के तुरंत बाद वो मस्जिद में नमाज़ के लिए गए। यहीं पर घात लगाए लोगों ने...
आरोपित अजमल ने चाची-भतीजी से जान-पहचान करने के लिए छद्म हिन्दू नाम का सहारा लिया। उसने उन दोनों को अपना नाम आशीष दुबे बताया। उसने शादी का झाँसा देकर महिला के साथ बलात्कार किया और उसे फ़िल्मा लिया। इसी रिकॉर्डिंग का खौफ दिखा कर भतीजी के साथ भी...
हाजीपुर स्टेशन से गुजर रही राजधानी एक्सप्रेस पर भी अभ्यर्थियों का ग़ुस्सा फूटा। इस दौरान उन्होंने ट्रेन पर जमकर पत्थरबाज़ी की। इससे ट्रेन के शीशे टूट गए और उसमें सवार यात्रियों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
आख़िर क्या कारण था कि एक संस्कृत विभाग में शोध करने वाले नेत्रहीन छात्र के कमरे में ही उग्र भीड़ ने उनकी जम कर पिटाई कर दी। भीड़ में से एक लड़की ने कहा- "मारो साले को" और रॉड लेकर वो पिल पड़े। जेएनयू हिंसा की कहानी, एक पीड़ित नेत्रहीन छात्र की जुबानी।