"16 नवंबर की शाम 4 बजे खुर्शेदबाग स्थित मेरे घर पर एक बंद लिफाफा भेजा गया। इसे खोलने पर उसके भीतर से 9 पन्ने का एक पत्र निकला। 2 पन्ने में उर्दू भाषा में कुछ लिखा हुआ था। उर्दू के पन्नों में लिखी बातों का हिंदी में अनुवाद कराया तो धमकी की बात सामने आई।"
ग्रामीणों ने जब बबलू और प्रकाश को एक गाड़ी में पशुओं को ले जाते देखा तो उन्हें शक हुआ और उन्होंने गाड़ी रुकवाकर दोनों से पूछताछ की। जब दोनों के जवाब से वहाँ मौजूद लोग संतुष्ट नहीं हुए तो पहले उनकी गाड़ी में आग लगाई गई, फिर उन्हें इतना मारा गया कि...
"JNU छात्रावास में रहने वाले करीब 6000 छात्रों में से 5371 को फेलोशिप या छात्रवृत्ति के रूप में आर्थिक मदद मिलती है। छात्रावास मेस न हानि न लाभ के सिद्धांत पर चलता है। लेकिन जब तीन करोड़ रुपए बकाया हो तो इनका संचालन कैसे और कब तक होगा?"
वीसी का पुतला-दहन करने वाले छात्रों ने आरोप लगाया कि कई अन्य विभागों में इसी तरह अयोग्य नियुक्तियाँ की गई हैं, जिनकी जाँच होनी चाहिए। उनका आरोप था कि फ़िरोज़ ख़ान की नियुक्ति की आड़ में वीसी अन्य अयोग्य नियुक्तियों को दबाने का प्रयास कर रहे हैं।
रेप करने के बाद जीशान ने केरोसिन तेल डाल लड़की को जला कर मार डालने की कोशिश की। इसके बाद लड़की को आनन-फानन में जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से उसे दिल्ली रेफर कर दिया गया। पुलिस ने आरोपित ज़ीशान को गिरफ़्तार कर लिया है।
बलात्कार के बाद दोनों बहनों को धमकी दी गई कि फिर बुलाने पर आना होगा वरना वीडियो वायरल कर दिया जाएगा। लेकिन जब दोनों लड़कियाँ उनके बुलाने पर नहीं गईं तो 4 दिन बाद आरोपितों ने वीडियो वायरल कर दिया। जब वीडियो पीड़िताओं के घर के लोगों ने देखा तो...
"JNUTA प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं को तो अपना समर्थन दे रहा है, मगर जिन शिक्षकों को स्टूडेंट्स ने कुछ दिनों पहले बंधक बनाया था या उनके और उनके परिवारजनों के साथ बदसलूकी की थी, उनके खिलाफ असोसिएशन कोई कार्यवाही तो दूर, निंदा तक नहीं कर रहा।"
“इस तरह का निर्णय स्वतंत्र भारत के इतिहास का काला धब्बा है। ऐसी स्थिति में हम संबंधित न्यायाधीशों से किसी भी बेहतर फैसले की उम्मीद नहीं कर सकते, बल्कि आगे और नुकसान होने की संभावना है। इसलिए कार्य समिति का मानना है कि समीक्षा याचिका दायर करना लाभदायक नहीं होगा।”
छात्रों ने कल प्रशासन को अपना माँग पत्र सौंपते हुए कई सवालों का विश्वविद्यालय प्रशासन से जवाब माँगा है। जिसे लेकर देर रात SVDV के संकाय प्रमुख, अन्य विभागाध्यक्षों और VC के बीच मीटिंग चली लेकिन किसी भी नतीजे पर नहीं पहुँचा गया।
फर्जी वेबसाइट IndiaSpend की एक रिपोर्ट, जिसमें आरोप लगाया गया था कि अनुच्छेद-370 के निरस्त होने के बाद कश्मीर में कई लोग स्वास्थ्य सेवा तक नहीं पहुँच पा रहे। इसी फर्जी खबर की काट के लिए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने ऑपइंडिया की रिपोर्ट को...