आज भाजपा का विरोध कर रहा अखिल कभी कॉन्ग्रेस को वोट न देने की अपील करता था। असम और अरुणाचल प्रदेश में बाँध प्रोजेक्ट्स को बंद कराने के लिए अखिल गोगोई ने लोगों को जम कर भड़काया था। उसके कारण नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पॉवर कारपोरेशन (NHPC) के कई डैम प्रोजेक्ट्स में रुकावट आई थी।
Reddit यूजर का दावा है कि सरकार के खिलाफ अभियान चलाने के लिए अमेज़ॅन वेब सेवाओं पर 40 से अधिक सर्वर चलाकर, वह लगातार 'आईटी सेल के ट्विटर पोल" को हराने में सक्षम है।
CCTV फुटेज लेने के लिए जामिया नगर के एसएचओ को यूनिवर्सिटी प्रशासन के पास भेजा गया। जब पुलिस वहाँ पहुँचीं, तब भारी संख्या में जामिया के छात्र जमा हो गए। उन छात्रों ने CCTV फुटेज देने से इनकार कर दिया। लेकिन हैरत की बात यह है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन भी साक्ष्य के तौर पर CCTV रिकॉर्डिंग देने से इनकार कर रहा है।
तनवीर ने पहले शुभांकर से दोस्ती की, उसके साथ जमशेदपुर के टॉकिज में जाकर फिल्म देखी, उसके बाद नदी किनारे जाकर गाँजा पिया, और फिर समलैंगिक संबंधों के लिए दबाव बनाने लगा... जब शुभांकर ने ऐसा करने से मना किया, तो उसकी चाकू घोंप कर हत्या कर दी.....
पत्थरबाजी के कारण पप्पू राठौर की हत्या होती है। 43 लोगों पर केस होता है लेकिन पकड़े जाते हैं सिर्फ पप्पू खां और हाशिम, बाकि सभी फरार। इसके बाद पीड़ित परिवार पर केस वापस लेने का दबाव, और इनकार करने पर धमकी के साथ-साथ उनके बच्चों से मारपीट, बहू-बेटियों से छेड़छाड़। हार मान कर सभी घर बेचने को तैयार!
सोशल मीडिया में एक तस्वीर बड़ी तेज़ी से वायरल हो रही है। इस तस्वीर में 72 वर्षीय शिया मौलवी असद रज़ा हुसैनी के एक हाथ पर प्लास्टर चढ़ा हुआ है और शरीर पर घाव के निशान हैं। सहानुभूति बटोरती इस तस्वीर का एक दूसरा पहलू भी है, जो दंगाइयों, मीडिया-सोशल मीडिया गिरोह के प्रोपेगेंडा को उजागर करती है।
'कब्रगाह' साबित हो रहा कोटा का अस्पताल, 14 और मौत के साथ एक महीने में 91 बच्चों की गई जान। NCPCR की टीम ने हॉस्पिटल में देखा कि ख़िड़कियों में शीशे नहीं, दरवाजे टूटे हुए हैं। अस्पताल के कैंपस में ही सुअर घूमते हैं।
स्टेनोग्राफर, टाइपिस्ट और ड्राइवर सहित कई पदों पर वैकेंसी निकली है। आवेदक विभिन्न पदों के लिए अलग-अलग आवेदन भी कर सकते हैं। वहीं जम्मू कश्मीर के लोगों के लिए जो पद आरक्षित हैं, उन्हें 'स्थायी निवासियों' के लिए रखा गया है।
अदालत ने आरोपित को नाबालिग नहीं माना है। अब उसकी जमानत याचिका पर अगली तारीख पर बालिग़ मान कर सुनवाई की जाएगी। इससे पहले उसे बाकी आरोपितों से अलग रखने का निर्देश दिया गया था क्योंकि उसने ख़ुद को नाबालिग बताया था।
रिहा किए गए नेताओं में पीडीपी के 2 पूर्व विधायक जहूर मीर और यासिर रेशी, नेशनल कॉन्फ्रेंस के 2 पूर्व विधायक इश्फाक जब्बार, गुलाब नबी और 1 कॉन्ग्रेस विधायक बशीर मीर शामिल हैं।