"मेरी राय है कि मामले को ज्यादा बढ़ाना उचित नहीं है। पुनर्विचार के लिए उच्चतम न्यायालय में जाना बेहतर नहीं है। मुस्लिम समुदाय पहले से कहता रहा है कि वह फ़ैसले का सम्मान करेगा और लोग इससे सहमत हैं।"
इस ऐतिहासिक क्षण के एक दिन पहले कल ही अपना 93वाँ जन्मदिन मनाने वाले आडवाणी, जिन्होंने अपना कैरियर फिल्म समीक्षा पत्रकार के रूप में शुरू किया था, ने अंग्रेजी में एक बयान जारी कर फैसले से संतोष जाहिर किया है। साथ ही कहा है कि अंततः उनका स्टैंड सही साबित हुआ है।
भागवत ने कहा कि RSS को उम्मीद है कि सरकार जल्द ही सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार क़दम उठाएगी। उन्होंने कहा कि अतीत को भूल हम सभी को मिलकर रामजन्मभूमि स्थल पर भव्य मंदिर निर्माण के कर्तव्य का पालन करना चाहिए।
भारतीय जनता पार्टी के नेता और राज्य सभा के सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने विश्व हिन्दू परिषद के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष स्वर्गीय अशोक सिंघल को भारत रत्न दिए जाने की माँग की है। साथ ही पूर्व केंद्रीय मंत्री ने इसके लिए तुरंत घोषणा की भी माँग की है। उनकी यह माँग राम जन्मभूमि आंदोलन की दशकों की माँग पर आज सुप्रीम कोर्ट की स्वीकृति की मुहर के आलोक में आई है।
सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का स्वागत करते हुए यूपी के सीएम ने कई ट्वीट किए। इनमें अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए लोगों शांति और सौहार्द्र बनाए रखने की अपील की।
“जिस तरह से हिन्दू भाई हमारे फंक्शन रमजान में, बकरीद में हमारा साथ देते हैं, उसी तरह से फैसला के आने के बाद हम सभी मिलकर राम मंदिर बनाएँ और जहाँ तक हमारे सोने की ईंट की बात थी, वो हम देंगे।”
एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा कि एक 'गैंग' ने उन्हें उस समय परेशान करना शुरू कर दिया था, जब उन्होंने कहा था कि पुरातात्विक साक्ष्य उस जगह पर मंदिर होने की ओर इंगित करते हैं।
फैसले का आधार बनी एएसआई रिपोर्ट में कहा गया है कि विवादित ढॉंचे के नीचे नक्काशीदार ईंटें, देवताओं की युगल खंडित मूर्तियाँ, नक्काशीदार वास्तुशिल्प, पत्तों के गुच्छे, अमालका, कपोतपाली, कमल की आकृति जैसी चीजें मिली हैं।
अयोध्या विवाद मामले पर आए फ़ैसले के बाद सोशल मीडिया पर यह ट्वीट फिर से वायरल हो रहा है। सुब्रमण्यम स्वामी, भाजपा के सभी नेताओं की तरह, अयोध्या में एक भव्य राम मंदिर बनाने के मुखर प्रस्तावक रहे हैं।
अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद से गोगोई रामभक्तों की आँखों के तारे बन गए हैं। कोई प्रणाम करने के लिए उनका घर ढूँढ़ रहा है तो कोई उन पर ईश्वर की कृपा बने रहने की कामना कर रहा है।