बिहार सरकार की हर घर नल से जल पहुॅंचाने की योजना की तो हालत खस्ता है। लेकिन, बारिश ने राजधानी पटना में जरूर जल को द्वारे-द्वारे पहुॅंचा दिया है। आम लोग ही बेबस नहीं हैं, राज्य के उपमुख्यमंत्री का घर भी पानी से लबालब है। सड़कें, रेल की पटरियॉं जलमग्न हैं और बिजली गुल।
मंसूर ने ख़ुद को बचाने के लिए अपने मृत भाई की लाश को शौचालय की टंकी में डाल दिया। अमिनूल के लापता होने पर उसके चाचा ने 28 दिसंबर 2016 को वाडा पुलिस स्टेशन में शिक़ायत दर्ज कराई। इस मामले की सूचना मिलने के बाद से ही पुलिस को मंसूर पर शक़ था लेकिन...
आरोपित पादरी वसई में एक प्रार्थना सेंटर चलाता है और तरह-तरह के रोगों को ठीक करने के दावे करता रहा है। वह इसके एवज में रुपए लिया करता था। लोग उसके प्रेयर सेंटर में आकर प्रार्थना करते थे और फिर वहाँ उनका 'उपचार' किया जाता था।
"ऐसा देखा गया है कि दूसरे समुदाय के लोग भी डांडिया और गरबा में आते हैं। लेकिन, इसका कारण दूसरे के धार्मिक कार्यक्रमों के प्रति सद्भावना नहीं होती। असल में, समारोहों में प्रवेश करके वे महिला प्रतिभागियों के साथ दुर्व्यवहार करते हैं।"
प्रणव एआई 161 फ्लाइट से लंदन रवाना होने वाला था। लखनऊ के अंसल टाउनशिप घोटाले में उसके पिता सुशील अंसल सहित तीन अन्य निदेशकों के गिरफ़्तारी की क़वायद लखनऊ पुलिस की ओर से पहले से ही शुरू कर दी गई थी।
प्रतिमा विहिप के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी स्थापित किया जाएगा। इस आयोजन की बड़े पैमाने पर तैयारी की गई है। प्राण प्रतिष्ठा से पहले दुर्गा वाहिनी चार किलोमीटर की शोभा यात्रा निकालेगी। बजरंग दल के कार्यकर्ता मोटरसाइकिल रैली निकालेंगे।
अवैध असलाह बनाने का सारा सामान हापुड़, गढ़मुक्तेश्वर और किठौर से ख़रीदा जाता था। असलाह तैयार होने के बाद हापुड़, बुलंदशहर, नोएडा, गाजियाबाद, अमरोहा, गजरौला, मुजफ्फरनगर, शामली, बागपत, मेरठ, सहारनपुर आदि जिलों में सप्लाई की जाती थी।
"25 फरवरी को मैं आर्य समाज मंदिर गया। शुद्धिकरण समारोह के बाद मैंने हिन्दू धर्म अपना लिया। धर्म परिवर्तन के बाद मैंने और उसी दिन मंदिर में हिंदू संस्कारों और रीति-रिवाजों के अनुसार शादी की। जिसमें 'सप्तपदी' और 'सात फेरे' आदि भी शामिल थे।"
जम्मू-कश्मीर पर अफवाह फैलाने वालों में कई अन्तरराष्ट्रीय न्यूज़ पोर्टल्स भी शामिल हैं और कई बार उनके प्रोपगेंडा की पोल खुल चुकी है। अब दिन के समय प्रतिबंधों के हटते ही जम्मू-कश्मीर में आम जनजीवन पूरी तरह सामान्य हो जाएगा।
डॉ कफील खान पर आरोप लगा था कि मेडिकल कॉलेज में प्रवक्ता के पद पर नियुक्त होने के बाद भी उन्होंने प्राइवेट प्रैक्टिस जारी रखी और चिकित्सीय लापरवाही बरती। कफील खान इस आरोप पर संतोषजनक जवाब नहीं दे सके और उन्हें आरोप में दोषी पाया गया। इसके अलावा...