देखते ही देखते कहासुनी मारपीट में तब्दील हो गई और नशे में धुत लोगों ने अजय दास पर अपनी लाठी और डंडों से हमला बोलकर उसे बुरी तरह ज़ख़्मी कर दिया और लहू-लुहान हालत में छोड़कर भाग गए।
पार्किंग विवाद को लेकर दिल्ली के तीस हज़ारी कोर्ट के बाहर वकीलों और पुलिस के बीच हिंसा हुई थी। एक पुलिस कार और 20 अन्य वाहनों को आग लगा दी गई थी। 2 पुलिस वालों को दिल्ली हाई कोर्ट ने सस्पेंड कर दिया था और न्यायिक जाँच के आदेश दे दिए थे।
जिन कंपनियों को लवासा मामले में खोजबीन करने के लिए कहा है, उनमें एनटीपीसी, एनएचपीसी लिमिटेड, पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड और आरईसी लिमिटेड शामिल हैं। इस पत्र के साथ ऊर्जा मंत्रालय ने एक सूची भी नत्थी की है, जिसमें उन 14 कंपनियों के नाम हैं जिनमें अशोक लवासा की पत्नी नावेल लवासा डायरेक्टर के पद पर तैनात रह चुकीं हैं।
अबसार ने भगवान राम और माँ सीता को अश्लील अपशब्द कहे। उसे धमकी दी कि 'वो' आज 18% है, फिर भी सबकी फट रही है। उसने कहा कि जिस दिन वो 80% हो जाएगा, उस दिन हिन्दुओं को भगा-भगा कर मारेगा। क़ानून से बेख़ौफ़ अबसार ख़ान ने इसके बाद अपना नंबर और पता भी दे दिया।
पंजाब नेशनल बैंक में 13,000 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी और नीरव मोदी-मेहुल चौकसी के मामलों के बाद केंद्र सरकार ने सीबीआई को बैंक धोखाधड़ी करने वालों के ख़िलाफ़ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
चारों मुजरिमों द्वारा किसी तरह की याचिका दायर न करवाने के बाद अब तिहाड़
जेल प्रशासन इस तथ्य को ट्रायल कोर्ट के समक्ष रखेगा। उसके बाद ट्रायल कोर्ट कानूनन कभी भी मुजरिमों का डेथ-वारंट जारी कर सकता है।
मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने कहा था कि जब मुस्लिम महिला आकर ऐसी कोई याचिका दायर करती है, तब सुप्रीम कोर्ट इसपर विचार करेगा। इस याचिका में मस्जिदों में मुस्लिम महिलाओं की एंट्री पर इस्लामिक प्रतिबन्ध को बराबरी के अधिकार के विरुद्ध बताया गया था।
अभियुक्त के रूप में शोएब अंसारी, तनवीर अंसारी, शमिमुल्ला, सराफत अंसारी और बुधन अंसारी को पुलिस अपने साथ ले गई है। कसियोटोल के 11 युवकों के विरुद्ध धार्मिक झंडा फाड़ने, गन्दा करने और धर्म विशेष को नीचा दिखाने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी...
सबरीमाला के भक्तों पर अत्याचार करने के बाद केरल के वामपंथियों ने जून 2019 में केंद्र सरकार से सबरीमाला के रीति-रिवाजों की रक्षा करता एक कानून बनाने को कहा था। जबकि यू-टर्न ले लेने के बाद अब वही वामपंथी कह रहे हैं कि हम सुप्रीम कोर्ट 2018 का फैसला मानेंगे