Thursday, September 23, 2021
Homeदेश-समाजपटना में मूर्ति विसर्जन के दौरान मस्जिद के सामने पथराव और आगजनी: आईजी समेत...

पटना में मूर्ति विसर्जन के दौरान मस्जिद के सामने पथराव और आगजनी: आईजी समेत कई घायल

विसर्जन यात्रा में शामिल लोगों में से एक के हवाले से दावा है कि मूर्ति मस्जिद से फेंके गए पत्थर से ही टूटी थी। टकराव की वजह की जड़ तक पहुँचने के लिए एक जाँच बिठा दी गई है। अभी तक पुलिस ने किसी को हिरासत में नहीं लिया है।

पटना में एक हिंसक झड़प दो समुदायों के बीच तब शुरू हो गई जब एक मूर्ति विसर्जन के लिए डालाजी मस्जिद के सामने से ले जाई रही थी। उसको लेकर हुई हिंसा में कई पुलिस वाले भी घायल हो गए, जिनमें इंस्पेक्टर जनरल (आईजी) संजय सिंह भी शामिल हैं। यह घटना परसों (सोमवार, 4 नवंबर, 2019 को) रात 11 बजे के आसपास की है। इलाके की सुरक्षा में बढ़ोतरी कर दी गई है क्योंकि मंगलवार (5 नवंबर, 2019) तक हालात तनावपूर्ण बने हुए थे

हिंसक लोगों ने जमकर तोड़फोड़ की जिसमें पुलिस की कई गाड़ियाँ और एक दमकल की गाड़ी भी क्षतिग्रस्त हो गए। दंगाई इतने पर भी नहीं रुके, और 2 बाइकों को भी आग के हवाले कर के ही माने। उनमें से एक बाइक को तो मस्जिद के सामने ही आग लगाई गई। 11 बजे शुरू हुई हिंसा दो घंटे बाद तक यानि रात 1 बजे तक चलती रही। उसके बाद ही प्रशासन ने किसी तरह स्थिति पर काबू पाया।

दोनों भिड़े हुए गुटों के बीच फँसे पुलिस वालों को काफी चोटें भी आईं क्योंकि दोनों पक्षों के बीच भारी पथराव भी शुरू हो गया था। इसमें फँसने वालों में आईजी संजय सिंह भी शामिल हैं। यह भाँपने के बाद कि संघर्ष और भी भयानक रूप ले सकता है, पूरी पुलिस फ़ोर्स को ही आदेश दिया गया कि वे शहर के आलमगंज इलाके की तरफ कूच कर स्थिति को काबू में करने का प्रयास करें। इसके बाद बिहार मिलिट्री पुलिस (बीएमपी) की गोरखा वाहिनी को भी मौके पर तैनात किए जाने की नौबत आ ही गई। इस बीच आईजी संजय सिंह समेत घायल सभी पुलिस वालों को प्राथमिक चिकित्सा (फर्स्ट एड) आलमगंज थाने पर ही दिया गया।

स्थानीय निवासी मोहम्मद आलम के अनुसार यात्रा के साथ जा रहे युवा शराब पिए हुए थे और उनमें आपस ही में झगड़ा फसाद शुरू हो गया। “उनकी अपनी लड़ाई के दौरान मूर्ति टूट गई और उन सब ने यह दावा करना शुरू कर दिया कि मूर्ति तोड़ने वाला पत्थर मस्जिद से फेंका गया था। हालाँकि उस समय तो यात्रा आगे चली गई लेकिन बाद में वे युवा लौटे और मस्जिद पर पत्थरबाजी शुरू कर दी, जिसके बाद हालात काबू से बाहर हो गए।”

लेकिन मीडिया रिपोर्टों में पुलिस सूत्रों के हवाले से इसकी उलटी खबरें भी आ रहीं हैं। एक मीडिया सूत्र मूर्ति विसर्जन यात्रा में शामिल लोगों में से एक के हवाले से दावा करता है कि मूर्ति मस्जिद से फेंके गए पत्थर से ही टूटी थी।

टकराव की वजह की जड़ तक पहुँचने के लिए एक जाँच बिठा दी गई है। अभी तक पुलिस ने किसी को हिरासत में नहीं लिया है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘नागवार हुकूमत… मदीना को बना देगी आवारगी का अड्डा’: सऊदी अरब को ‘मदीना में सिनेमा’ पर भारत-पाक के मुसलमान भेज रहे लानत

कुछ लोग सऊदी हुकूमत के इस फैसले में इजरायल को घुसा रहे हैं। उनका कहना है कि मदीना पूरे उम्माह का है न कि इजरायल के नौकरों को।

अंग्रेजों से रेवाड़ी को दिलाई मुक्ति, स्वतंत्रता के लिए दुनिया की खाक छानी: काबुल में राव तुला राम ने ली थी आखिरी साँस

सन 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी नायकों में एक राव तुला राम की आज (23 सितंबर) पुण्यतिथि है। राव तुला राम का जन्म 9 दिसंबर 1825 के दिन रेवाड़ी में हुआ था।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
123,920FollowersFollow
410,000SubscribersSubscribe