अशफाक ने अपने सहकर्मी रोहित कुमार सोलंकी के आधार कार्ड में उसकी फोटो की जगह अपनी फोटो लगा दी और बाकी की सारी जानकारी वही रहने दी। इसी फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल उसने कमलेश तिवारी की पार्टी में शामिल होने के लिए किया।
वसीम रिजवी ने दावा किया कि अयोध्या की विवादित ज़मीन सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड की संपत्ति है ही नहीं, वो शिया वक़्फ़ बोर्ड की संपत्ति है। इसके पीछे तर्क देते हुए उन्होंने कहा कि बाबर के जिस सेनापति ने इस मस्जिद को बनवाया था, वो एक शिया मुसलमान था।
नागपुर से गिरफ्तार सैयद आसिम अली नागपुर में एमडीपी पार्टी की नगर ईकाई का अध्यक्ष है और साथ ही सुन्नी यूथ फोर्स संस्थान का उपाध्यक्ष भी। नितिन गडकरी के ख़िलाफ लोकसभा चुनाव भी लड़ चुका है और मुस्लिमों में अपनी पैठ बनाने के लिए...
जहाँ एक तरफ पूर्व विधायक ने कॉन्ग्रेस विधायक पर गंभीर आरोप लगाए हैं तो वहीं दूसरी ओर बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने मामले पर आक्रोश ज़ाहिर किया है। पूर्व विधायक द्वारा बेटी भारती के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराए जाने के बाद भारती ने खुद शनिवार को एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें उसने.....
नागपुर से भी सैयद आसिम अली नामक आरोपित को गिरफ़्तार किया गया है। सैयद ने एक वीडियो अपलोड किया था, जिसमें उसने कमलेश तिवारी की हत्या को जायज ठहराया था क्योंकि 'उन्होंने पैगम्बर मुहम्मद का अपमान किया है।' वह हत्यारों से लगातार संपर्क में था।
सुप्रीम कोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ संत रविदास मंदिर की 400 वर्गगज जमीन सरकार की ओर से बनाई जाने वाली समिति को सौंपने के केंद्र सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
इससे पहले यह पता चला था कि इस हत्याकांड को अंजाम देने वाले संदिग्ध हत्यारे अशफ़ाक़ और मोईनुद्दीन की लोकेशन लगातार चेंज हो रही है। रविवार को पुलिस को पता चला कि उनकी लोकेशन.....
पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपित अपने फोन की बजाय राहगीरों से मोबाइल माँगकर इस्तेमाल कर रहे हैं। पुलिस ने दोनों की तलाश में यूपी के शाहजहॉंपुर में मुसाफिरखानों और मदरसों पर छापेमारी की है।
यूपी पुलिस ने अब तक 14 लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कर लिया है। इनमें, हरदोई, अंबेडकर नगर, प्रतापगढ़, देवरिया, सहारनपुर, हमीरपुर में एक-एक और प्रयागराज, औरैया में दो-दो मुक़दमे शामिल हैं। इसके अलावा साइबर यूनिट ने लखनऊ में चार मामले दर्ज किए हैं।
राजदीप सरदेसाई के इस बदले सुर से सभी हैरान हैं। अपनी ही बात से पलट गए हैं। पहले उन्होंने जल्दी सुनवाई ख़त्म करने का स्वागत किया था, अब वह पूछ रहे हैं कि इतनी जल्दी भी क्या है? उन्होंने गिरगिट की तरह रंग बदला है। राजदीप जजों को ही खरी-खोटी सुनाने लगे।