सेंगर की कस्टडी के अलावा पीड़िता के चाचा से पूछताछ के लिए भी सुप्रीम कोर्ट से सीबीआई ने इजाजत माँगी है। सुप्रीम कोर्ट ने रायबरेली जेल में बंद पीड़िता के चाचा को दिल्ली के तिहाड़ जेल में शिफ्ट करने का आदेश दिया है।
रिंकू शुक्ला के मुताबिक़, "यह मेरी आदत है। मैंने उन्हें (पुलिसकर्मी) चाय पीने के लिए पैसे दिए होंगे क्योंकि वह वहाँ खड़ा था। मेरा इरादा उन्हें रिश्वत देने का नहीं था। मैं 10-15 दिन पहले जेल के अंदर सेंगर से मिल चुका हूँ।"
सिद्दिकी ने शिकायत में कहा था कि कल रात तकरीबन 10 बजे उसका बेटा अपने दोस्त के साथ बाजार गया था। इसी दौरान दो मोटरसाइकिल पर सवार 6 लोगों ने उन्हें रोका और जय श्री राम बोलने को मजबूर किया। मना करने पर उनलोगों ने मारपीट की।
प्रशासनिक ब्लॉक में बुधवार शाम को हुए हंगामे का हवाला देते हुए रजिस्ट्रार ने कहा है कि छात्रों का इरादा वीसी पर हमला करना था। लेकिन, वे उस वक्त अपने दफ्तर में नहीं थे। अधिकारियों के मुताबिक बुधवार शाम को हंगामा करने वाले कुछ छात्र हथियारबंद भी थे।
अतिरिक्त सरकारी वकील (APP) सुभाष प्रसाद ने बताया कि चूँकि आरोपित नाबालिग है, इसलिए फिलहाल उसे जेल में न रखकर 21 साल की आयु तक सुरक्षा गृह में रखा जाएगा।
मुँह दिखाई की रस्म पर पीड़िता के सामूहिक दुष्कर्म की साज़िश अजमल ने ख़ुद रची, जिसमें उसके भाई और दोस्त भी शामिल थे। उन्होंने कोल्डड्रिंक में नशे की दवा मिलाकर लड़की को पिलाई, जिसके बाद उसके साथ बेहोशी की हालत में सामूहिक दुष्कर्म किया गया।
विरोध दर्ज करने के लिए ब्राह्मण समुदाय के लोगों ने होटल के अधिकारियों से मिलकर बात की और डिश के नाम पर आपत्ति जताई। जिसके बाद होटल ने अपनी गलती मानी और माफ़ी माँगते हुए बयान जारी किया कि वे इस डिश का नाम बदल देंगे।
मई में अदालत ने पैनल को अतिरिक्त समय देते हुए 15 अगस्त तक समाधान सुझाने को कहा था। शीर्ष अदालत ने मध्यस्थता प्रक्रिया को गोपनीय रखने के लिए इसकी रिपोर्टिंग पर रोक लगा दी थी।
साजिद का ये दूसरा निकाह है। पहली बीबी की मौत के बाद साजिद ने पीड़ित महिला के साथ दूसरी शादी की थी। साजिद की पहली शादी से 6 बच्चे थे, जिनका पालन पोषण भी पीड़िता ने ही की। खुद पीड़िता के भी 6 बच्चे हैं। तलाक के बाद इन बच्चों के साथ वो बेघर होकर...