बिहार सरकार के आँकड़ों की ही मान लें तो अब तक बाढ़ से 67 लोगों की मौत हो चुकी है। ज्यादातर शव स्थानीय लोगों ने अपनी जान जोखिम में डाल तलाशे हैं। सरकारी अमला जिन गोताखोरों और बचाव दल की तैनाती का दावा कर रहा है वे नजर नहीं आ रहे।
हमले में शामिल 7 अपराधी इस दौरान पुलिसकर्मियों से उनके हथियार, वायरलेस सेट समेत अन्य सामान लूटकर फरार हो गए। हमले में दो पुलिस वाले (संदीप नामदेव और मनोज सिंह) घायल हो गए। एक की हालत नाजुक है और वे ICU में हैं।
हरियाणा के मेवात में एक गर्भवती बकरी का इस दरिंदगी से बलात्कार किया गया कि उस निरीह पशु की मौत हो गई। हारून और जफ़र सहित कुल 8 लोगों ने मिल कर उस बकरी का गैंगरेप किया था। बकरी के मरने की वजह उसके प्राइवेट पार्ट्स में अत्यधिक ब्लीडिंग और शॉक को बताया गया।
अभिनेता एजाज ख़ान ने टिक-टॉक ऐप पर भड़काऊ वीडियो बना कर पोस्ट किया था। एजाज ख़ान ने हिन्दुओं के विरुद्ध हिंसा की बात की थी और सोशल मीडिया पर वह भड़काऊ और विवादास्पत पोस्ट्स के लिए कुख्यात हैं।
दो दिन पहले अहमद रजा वडारिया को गिरफ्तार किया गया था। वह दाऊद के गुर्गे फहीम मचमच का करीबी है। उससे पूछताछ के दौरान रिजवान कासकर का नाम सामने आया। उसे देश छोड़कर भागने की कोशिश करते हुए मुंबई एयरपोर्ट से पकड़ा गया।
गुस्साए गाँव वालों ने अंसारी से गाय के पाँव छूकर माफी माँगने को कहा, लेकिन जैसे ही अंसारी वहाँ पहुँचा, गाय उसे देखकर डर गई और वहाँ से भाग गई। गाय की व्यथा देखकर गाँव वाले उससे बोले, "ये भाग रही है क्योंकि ये तुमसे डर गई। उसे लग रहा है कि तुम वही सब करने दोबारा आए हो।"
“हर कोई कह रहा था कि मुझे खुद घर छोड़ देना चाहिए वर्ना वे मुझे घर से ज़बर्दस्ती बेदखल कर देंगे। मुझे जान से मारने की धमकियाँ भी मिल रही हैं। मैं सुरक्षा की माँग करती हूँ। मैं अपने बेटे के साथ अकेले रहती हूँ ऐसे में मेरे साथ कभी भी कुछ भी हो सकता है।”
महिला की शिकायत के आधार पर मामले को सिविल लाइन थाना पुलिस ने फूल सिंह खेड़ी के ख़िलाफ़ विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज कर लिया है। इसके बाद मामले की जाँच की जा रही है।
खेत में घुसी गाय को देखकर इन्होंने पहले उसे धारदार हथियार लेकर भगाया और फिर गाँव में एक धार्मिक स्थल के पास उसे घेरकर मारना शुरू कर दिया। घटना में गाय की मौके पर ही मौत हो गई।
महिला की पिटाई करने वाले उसके रिश्तेदार ही हैं। रिश्तेदारों ने यह हरकत तब की जब पीड़िता ने सौतेली बेटी की शादी में अपनी राय नहीं लिए जाने पर विरोध जताया। असल में, सौतेली बेटी का लालन-पालन पीड़िता ने ही किया था।