प्रिंसिपल ने बताया कि इस इलाके में कम उम्र में विवाह करने का चलन है। चूँकि पुरुष काम के लिए अधिकतर समय बाहर रहते हैं, ऐसे में माताएँ ही लड़कियों की देखभाल करती हैं। इसलिए वो अपनी बेटियों की जल्द शादी...
भौगोलिक परिस्थितियाँ, जनसंख्या, सुरक्षा बलों के आवागमन, अशांत अंतरराष्ट्रीय सीमाएँ व विभिन्न हिंसक संगठनों के कारण भारत में एक चरण में चुनाव संपन्न कराना संभव नहीं है। चुनावों के दौरान सुरक्षा बलों के जवान बस और ट्रेन से आवागमन करते हैं।
इस बार का लोकसभा चुनाव 7 चरणों में होगा। 11 अप्रैल से शुरू होकर 19 मई तक चलेगा। 23 मई को चुनाव परिणाम आ जाएँगे। इस बात ईवीएम पर उम्मीदवारों की फोटो भी होंगी। लिए हेल्पलाइन नंबर और मोबाइल ऐप बनाया गया है। इस बार 90 करोड़ वोटर्स हैं।
अपनी बहुसंख्यक आर्थिक ताकत से इस बार कंपनी को यह एहसास करने की कोशिश की जा रही है कि कब तक सहनशीलता को जाँचा जाएगा। जितना आप लोग नैरेटिव गढ़ने की कोशिश कर रहे हैं, उससे ज़्यादा शांति और सद्भाव से यहाँ रह रहे हैं लोग। इस तरह से आग लगाने की ज़रूरत नहीं है।
पुलवामा आतंकी हमले के बाद से तनाव के चलते पाकिस्तान में फल सब्जियों के लिए हाहाकार मच गया था क्योंकि ट्रकों की आवाजाही रुक गई थी। लेकिन, अब श्रीनगर से पाकिस्तान के कब्जे वाले चकोटी के बीच ट्रकों की आवाजाही शुरू हो गई है।
प्रधानमंत्री मोदी की चुनावी जीत में सहायता के लिए यह अकादमिक समूह विभिन्न विषयों पर चर्चाओं और राजनीतिक बहसों का आयोजन करने के अलावा इंटरनेट के माध्यम से विभिन्न ऑनलाइन मंचों पर अपनी बात लेखों के द्वारा रखेगा।
जसपुर की चाँद मस्जिद के इमाम शाकिर हुसैन का कहना है कि सौतेली बेटी से निकाह करना शरियत के हिसाब से हराम है। मुस्लिम समुदाय के लोगों को ऐसे लोगों का बहिष्कार करना चाहिए।
इस फैसले के क्या परिणाम होंगे? अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। हालाँकि, अयोध्या मामले के इतिहास पर नज़र डाले तो सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला घड़ी को उल्टी दिशा में घुमाकर 30 साल पीछे ले जाता दिखता है।