देश-समाज

फजरुद्दीन, सलीम, अली ने मिलकर दलित संजय को मार डाला था, 6 महीने से न्याय की आस

चार्जशीट में चार अभियुक्तों का नाम है- फजरुद्दीन, सलीम, सलीम के चाचा अली मोहम्मद और सलीम के पड़ोसी सुमित ने इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम दिया है।

तुम्हारी ज़िन्दगी नरक बना दूँगा: दलाल मिशेल ने राकेश अस्थाना पर लगाया आरोप

कोर्ट ने मिशेल के द्वारा जेल के अंदर हो रहे मेंटल टॉर्चर को लेकर कही गई बातों पर ध्यान देते हुए सुनवाई की और जेल अधिकारी से संबंधित वीडियो और रिपोर्ट गुरूवार को सौंपने को कहा है।

होली के समय दिवाली, पटाखों और प्रदूषण पर SC ने बताया गाड़ियाँ हैं ज़्यादा खतरनाक

पटाखों से फैलते प्रदूषण पर केंद्र ने अदालत से कहा है कि पटाखों में अब बेरियम के इस्तेमाल को प्रतिबंधित किया जा चुका है, साथ ही ग्रीन पटाखों का फार्मुला अभी फाइनल करना बाकी है।

छुट्टा गायों को गौशाला पहुँचाने के लिए सेल्फी विद काउ की शुरुआत

स्थानीय लोग द्वारा जहाँ-तहाँ बैठी गायों के साथ सेल्फी लेकर नगर निगम प्रशासन को टैग कर रहे हैं। ऐसे में उन पर दबाव बन रहा है कि वह गायों को नए बने काउ शेल्टर पहुँचाए।

पति ने वॉट्सऐप पर दिया तीन तलाक, फ़ोन पर हुआ था निक़ाह

तीन तलाक के रोजाना आने वाले मामले यह साबित करते जा रहे हैं कि सामाजिक कुरीतियों से जन्मे अपराध और रूढ़िवादिता पर अंकुश लगाने...

ईडी ने आतंकी हाफिज सईद पर कसी नकेल, गुरूग्राम का विला हुआ जब्त

आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को तेज करते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने लश्कर सरगना और आतंकी हाफिज सईद के पैसों से गुरूग्राम में खरीदा गया विला जब्त कर लिया गया है।

उत्तराखंड: बलिदानी जवान की पत्नी सेना में बनीं ऑफ़िसर

प्रचलित कहावतें हैं कि पहाड़ की नारी का हृदय भी पहाड़ की तरह मजबूत होता है। 2 सितंबर 2015 का दिन था जब देहरादून...

20 लोग, 45 दिन: बच्चों की पढ़ाई के लिए काट डाला पहाड़, बनाया 3Km लंबा रास्ता

500 आबादी वाले इस गाँव के 20 लोगों ने अपने बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए पहाड़ काटकर 3 किलोमीटर की कच्ची सड़क बना दी। बच्चे अब 3 घंटे की जगह महज़ 30 मिनट में स्कूल तक का सफर तय कर लेंगे।

पश्चिम बंगाल के स्कूल की अनोखी पहल, मुस्लिम प्रिंसिपल के लिए बजनी चाहिए तालियाँ

प्रिंसिपल ने बताया कि इस इलाके में कम उम्र में विवाह करने का चलन है। चूँकि पुरुष काम के लिए अधिकतर समय बाहर रहते हैं, ऐसे में माताएँ ही लड़कियों की देखभाल करती हैं। इसलिए वो अपनी बेटियों की जल्द शादी...

जानिए भारत में क्यों इतने चरणों में होते हैं चुनाव? समझें इसके कारकों को

भौगोलिक परिस्थितियाँ, जनसंख्या, सुरक्षा बलों के आवागमन, अशांत अंतरराष्ट्रीय सीमाएँ व विभिन्न हिंसक संगठनों के कारण भारत में एक चरण में चुनाव संपन्न कराना संभव नहीं है। चुनावों के दौरान सुरक्षा बलों के जवान बस और ट्रेन से आवागमन करते हैं।

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