कर्ज़ माफ़ी के नाम पर यह घोटाला कितने बड़े स्तर का है, इसका पैमाना है अकेले डूंगरपुर जिले से लाभार्थियों की सूची। यहां के 1700 से अधिक किसानों के नाम उस सूची में हैं लेकिन आश्चर्य की बात है कि किसी ने भी लोन नहीं लिया था।
इस अभियान के तहत 6,85,758 करोड़ रुपये के निवेश का असर शहरों में परिवहन, स्वच्छता, प्रशासनिक कार्यप्रणाली और लोगों की मानसिकता पर स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।
ऐसी बातें फ़्रस्ट्रेशन हैं, छटपटाहट है, अभिजात्यता की ऐंठ से जनित सोच है। ये अगर बाहर नहीं आएगा तो ये लोग सड़कों पर कुत्तों की तरह आते-जाते भाजपाइयों या उनके समर्थकों को दाँत काटने लगेंगे। दाँत काटने से बेहतर है कि अंग्रेज़ी में ऐसे बयान दो कि आदमी को समझने में दो मिनट लगे कि क्या बोल गया।
सीधे नदी की सफ़ाई करने से पहले उसमें करोड़ों लीटर गिरते हुए कचड़े को रोकना, उसे दूसरी तरफ़ मोड़ना, उसे रसायनों एवं अन्य तरीकों से ट्रीट करना सबसे पहला कदम था जिसका परिणाम इन तस्वीरों में दिख रहा है।
डर तो इस बात से भी लगता है कि हिन्दू-मुस्लिम दंगे/झगड़े मे 'समुदाय विशेष' की जगह 'मुस्लिम समुदाय' लिखने पर मुझे साम्प्रदायिक कह दिया जाएगा। लेकिन क्या करें साहब, मन मारकर जी रहे हैं, क्योंकि यहाँ तो हिन्दू नाम होना ही साम्प्रदायिक हो जाने की निशानी है।
प्रवर्तन निदेशालय का यह दावा है कि रॉबर्ट वाड्रा की अघोषित संपत्ति की जानकारी करने के लिए मनोज अरोड़ा एक महत्वपूर्ण व्यक्ति है। साथ ही रॉबर्ट के काले धन को वैध बनाने में मनीष सहायता भी करता है।
सबरीमाला मंदिर के मुख्य तंत्री को केरल के एक वरिष्ठ नेता ने 'दानव ब्राह्मण' कहकर बुलाया है। दरअसल, मन्दिर में दो महिलाओं में घुसने के आने के बाद मुख्य तंत्री द्वारा मंदिर के शुद्धिकरण समारोह को आयोजित करने की वज़ह से उन्हें वरिष्ठ नेता द्वारा 'ब्राह्मण दानव' जैसा उपनाम दिया गया।