जिन लोगों ने गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम स्थल पर भगदड़ को रोकने में मदद की और बच्चों को बचाया, उनका कहना है कि पुलिस ने दबाव में आकर उन्हें भी इस मामले में आरोपी बना दिया है।
बीमार और असहाय गायों की सेवा करने के कारण उन्हें 'गायों की मदर टेरेसा' भी कहा जाता है। उनके गोशाला में 1,500 से भी अधिक गायें हैं। सारे ख़र्च वह खुद उठातीं हैं।
बच्चे गदर फ़िल्म के एक गाने को प्रस्तुत कर रहे थे। इसी दौरान 'विशेष संप्रदाय' कुछ लोगों ने देश विरोधी नारे लगाने शुरू कर दिए। इससे वहाँ भगदड़ की स्थिति बन गई। अफसोस, बात यहीं नहीं रुकी और...
इंतज़ार और निधि की दोस्ती फेसबुक के जरिए हुई थी। इसके बाद दोनों ने मिलना शुरू किया था। हालाँकि निधि की शादी पहले ही दिल्ली के एक व्यापारी संजय मिश्रा से हो चुकी थी।
प्लांट लगाने में करीब साढ़े 3 लाख का ख़र्च आया। हेमंत ने बताया कि यहाँ लगाए गए चूल्हे पर बने खाने को रोज़ाना शाम को 6 से 8 बजे तक ज़रूरतमंद बच्चों को बाँटा जाता है।
बछेंद्री को सर्वप्रथम पर्वतरोहण का मौका 12 साल की उम्र में मिला था। अपने स्कूल के साथियों के साथ 400 मीटर की चढ़ाई की थी। 1984 में जब भारत का चौथा एवरेस्ट अभियान शुरू हुआ तो बछेंद्री उस टीम का हिस्सा थी।