आरोपित की पहचान ताजेमुल के रूप में हुई है, जिसे स्थानीय लोग JCB नाम से बुलाते हैं। वो 'त्वरित न्याय' देने के लिए जाना जाता है, उसकी नज़र में पुलिस-कोर्ट की कोई हैसियत नहीं।
मंदिर की दीवालों पर लगे चित्रों को उखाड़ कर जमीन में पटक दिया गया। मंदिर में पूजा-पाठ और अन्य उपयोगी साजोसामान को एक जगह ला कर बड़े बेढंगे तरीके से फेंक दिया गया है।
सर्वे में मिली मूर्तियाँ वाग्देवी (सरस्वती), महिषासुर मर्दिनी, भगवान गणेश, हनुमान, ब्रह्मा, कृष्णजी और भगवान हनुमान की हैं। इनमें से कुछ मूर्तियाँ अच्छी अवस्था में हैं जबकि कुछ खंडित भी हैं।