Homeदेश-समाजनाबालिग छात्रा को चाकू दिखा रेप करने वाला मौलवी गिरफ्तार, अल्लाह की नाराजगी का...

नाबालिग छात्रा को चाकू दिखा रेप करने वाला मौलवी गिरफ्तार, अल्लाह की नाराजगी का डर और कुरान की कसम दे कर मुँह करवाता था बंद, साथी करीमुल्लाह भी धराया

मई 2024 में मधुबनी में मौलवी कारी शाहनवाज और उसके साथी करमुल्लाह पर 16 साल की एक किशोरी से रेप का आरोप लगा था। इन दोनों पर खुटौना थाने में FIR दर्ज हुई थी।

बिहार पुलिस ने मधुबनी जिले में नाबालिग छात्रा से रेप के आरोप में मदरसे के मौलवी और उसके सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया है। शनिवार (29 जून, 2024) को गिरफ्तार हुए आरोपितों के नाम कारी शाहनवाज और हाफ़िज़ करीमुल्लाह हैं। इन दोनों पर मदरसे की ही एक नाबालिग छात्रा से 1 साल तक डरा-धमका कर रेप करने का आरोप है। यह केस मई 2024 में दर्ज हुआ था। बलात्कार की वजह से पीड़िता 7 माह की गर्भवती भी हो गई थी। आरोपित ने कुरान की कसम दे कर पीडिता को कहीं मुँह न खोलने का दबाव भी दिया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक केस दर्ज होने के बाद पिछले लगभग 1 माह से मौलवी शाहनवाज और उसका साथी करीमुल्लाह फरार चल रहे थे। ये दोनों लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे। हालाँकि पुलिस इन दोनों की गिरफ्तारी के लिए हर संभावित स्थान पर दबिश दे रही थी। आखिरकार पुलिस को दोनों आरोपितों की सटीक लोकेशन मिली। फिलहाल मौलवी शाहनवाज और उसका साथी हाफिज करीमुल्लाह गिरफ्तार हो चुके हैं। जल्द ही पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए इन्हें अदालत में पेश कर सकती है। गिरफ्तारी के दौरान दोनों आरोपितों का चेहरा गमछे से ढक दिया गया था।

क्या था मामला

मई 2024 में मधुबनी में मौलवी कारी शाहनवाज और उसके साथी करमुल्लाह पर 16 साल की एक किशोरी से रेप का आरोप लगा था। इन दोनों पर खुटौना थाने में FIR दर्ज हुई थी। पीड़िता जिस मदरसे की छात्रा थी उसी में मौलवी शाहनवाज हेड मास्टर था। क्लास खत्म होने के बाद वह पीड़िता को रोक लेता था और चाकू की नोक पर रेप करता था। कई बार तो उनसे बच्ची के मुँह में कपडा भी ठूस दिया था। इस पूरे अपराध में हाफिज करीमुल्लाह भी मौलवी की मदद करता था।

जब पीड़िता विरोध करती थी तो उसे चाकू से डराया जाता था और अल्लाह की नाराजगी का डर दिखा कर चुप करवा दिया जाता था। कुरान की कसम भी मुँह न खोलने के लिए दी जाती थीं। लगभग 1 साल तक हुए बलात्कार की वजह से पीड़िता 7 महीने की गर्भवती हो गई। जब इसकी जानकारी घर वालों को हुई तो उन्होंने मौलवी शाहनवाज और उसके सहयोगी करीमुल्लाह पर FIR दर्ज करवाई थी। केस दर्ज होने के बाद से दोनों आरोपित फरार चल रहे थे। आखिरकार अब उन्हें दबोच लिया गया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

खून वही, बस नैरेटिव बदल गया: प्राचीन बलि से ईसाई संस्कार तक, इतिहास ने ये फर्क कैसे बनाया?

पश्चिम ने पुरानी सभ्यताओं को खून और बलि के नाम पर बर्बर कहा। ईसाई परंपरा को आध्यात्मिक ऊँचाई बताया। लेकिन चर्च के केंद्र में भी रोटी और वाइन के जरिए शरीर और रक्त का अनुष्ठान बैठा है। सभ्यता की कहानी इतनी साफ नहीं।

हमें पितृसत्ता की अधूरी कहानी क्यों सुनाई गई? Patriarchy? Think Again

भारत की शुरुआती वैदिक सभ्यता में महिलाओं का समाज में बहुत सम्मानजनक स्थान था, जहाँ उन्हें शिक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों का पूरा अधिकार था। वैदिक साहित्य में गार्गी और मैत्रेयी जैसी महिलाओं के उदाहरण मिलते हैं, जो दार्शनिक चर्चाओं और बौद्धिक विमर्श में सक्रिय थीं।
- विज्ञापन -