जस्टिस दाश बीते 15 वर्षों से हाई कोर्ट में जज थे। वह कलकत्ता हाई कोर्ट तीसरे सबसे वरिष्ठ जज थे। वह कलकत्ता हाई कोर्ट से पहले ओडिशा हाई कोर्ट में भी जज रहे हैं।
बताया जा रहा है कि AAP के 'चीफ मीडिया कोऑर्डिनेटर' विकास कुमार ने इस करतूत को अंजाम दिया है। असल में ये पत्रकार विदेशी फंडिंग के मामले में सवाल पूछ रहे थे।
ऑपइंडिया से बात करते हुए अधिवक्ता शशांक शेखर झा ने पूछा कि पुलिस ने FIR में 304 की जगह कमजोर धारा 304A क्यों लगाई? उन्होंने कहा कि इस मामले में गलत संदेश गया है, अगर भीड़ ने न्याय व्यवस्था पर भरोसा करने की बजाए खुद हिंसा करना शुरू कर दिया तो ये ठीक नहीं होगा।
बांग्लादेश के सांसद भारत में लापता हो गए हैं। उनके मुल्क से उनकी बेटी और सुरक्षा एजेंसियाँ कॉल कर रही हैं लेकिन न वो उस का जवाब दे रहे हैं, न उनकी लोकेशन पता चल रही है।