वामपंथी प्रोपगैंडा पोर्टल द वायर पर छपे लेख में प्रोफ़ेसर पार्थो सारथी रे का दावा है कि श्रीराम मंदिर की तर्ज पर बना पूजा पंडाल सही नहीं है। जिसके बाद वायर के आर्थिक बहिष्कार की अपील हो रही है।
सागर मलिक ने 'न्यूज़क्लिक' समर्थक झुण्ड में अकेले घुस कर पूछा कि चीन से पैसा क्यों लिया? उधर अभिजीत मजूमदार के पीछे तमिलनाडु पुलिस पड़ी है। उनके लिए किसी पत्रकार गिरोह ने आवाज़ उठाई?
रवीश कुमार बेचैन हैं कि मुज़फ्फरनगर के वीडियो को लेकर दंगे क्यों नहीं हुए, इतनी शांति क्यों है। वहीं उन्हें इससे भी दिक्क्त है कि एक हिन्दू बच्चा 'जय श्री राम' क्यों लिखता है।
ऐसे वक्त में जब बिहार के ही एक यूट्यूबर पत्रकार मनीष कश्यप पर NSA लगाया गया है, उसी राज्य में पत्रकारिता के नाम पर अगड़ा-पिछड़ा एजेंडा चलाने वाले यूट्यूबर पत्रकार वेद प्रकाश को माफ कर देना रूपा झा की सहृदयता है।
'The Wire' की 'खच्चरकारिता' का आलम ये है कि उसे अतीक अहमद की चिंता उसके परिजनों से ज्यादा है। वो अतीक अहमद की पैरवी उसके वकीलों से भी ज्यादा मजबूती से कर रहा है। आरफा खानुम शेरवानी पत्रकारिता के इस नए रूप की झंडाबरदार बन कर उभरी हैं।