रवीश कुमार बेचैन हैं कि मुज़फ्फरनगर के वीडियो को लेकर दंगे क्यों नहीं हुए, इतनी शांति क्यों है। वहीं उन्हें इससे भी दिक्क्त है कि एक हिन्दू बच्चा 'जय श्री राम' क्यों लिखता है।
ऐसे वक्त में जब बिहार के ही एक यूट्यूबर पत्रकार मनीष कश्यप पर NSA लगाया गया है, उसी राज्य में पत्रकारिता के नाम पर अगड़ा-पिछड़ा एजेंडा चलाने वाले यूट्यूबर पत्रकार वेद प्रकाश को माफ कर देना रूपा झा की सहृदयता है।
'The Wire' की 'खच्चरकारिता' का आलम ये है कि उसे अतीक अहमद की चिंता उसके परिजनों से ज्यादा है। वो अतीक अहमद की पैरवी उसके वकीलों से भी ज्यादा मजबूती से कर रहा है। आरफा खानुम शेरवानी पत्रकारिता के इस नए रूप की झंडाबरदार बन कर उभरी हैं।
NBT का आर्टिकल को पढ़ने से प्रतीत होता है कि यह नदीम के दृष्टिकोण से लिखा गया है। एक विशेष एजेंडे के साथ परोसा गया है। यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि मजहब विशेष के लोग प्रेम के मसीहा हैं, पर ये हिंदू हैं कि वे प्यार के दुश्मन बने बैठे हैं।