विचार

बाल ठाकरे का ‘हिंदुत्व’ साफ, सोनिया-पवार के ‘सेकुलरिज्म’ को उद्धव सलाम: इन 5 मामलों से समझिए

बाल ठाकरे ने शायद ही कभी सोचा होगा कि उनके बेटे उद्धव के नेतृत्व में उनकी शिवसेना सत्ता सुख के लिए हिंदुत्व वाली पहचान ही कुर्बान कर देगी।

बायकॉट, ब्लैकआउट और अब ट्रैक्टर परेड: 26 जनवरी पर अराजकता फैलाने का लिबरल-कट्टरपंथियों का पैंतरा पुराना

दिल्ली पुलिस की इजाजत नहीं मिलने के बावजूद किसान संगठनों की 26 जनवरी को ट्रैक्टरों संग परेड निकालने की जिद के क्या मायने हैं?

‘राम मंदिर के लिए चंदा नहीं दोगे तो घर पर निशान और सरकार को सूचना’ – हिंदुओं को ऐसे बदनाम कर रहा गालीबाज पटनायक

देवदत्त पटनायक ने राम मंदिर और भगवान श्रीराम का नाम लेकर हिन्दुओं को बदनाम किया। साथ ही वो अपनी ट्वीट के रिप्लाई बंद कर के भी भागता फिर रहा।

राम मंदिर निर्माण की तारीख से क्यों अटकने लगी विपक्षियों की साँसें, बदलते चुनावी माहौल का किस पर कितना होगा असर?

अब जबकि राम मंदिर निर्माण के पूरा होने की तिथि सामने आ गई है तो उन्हीं भाजपा विरोधियों की साँस अटकने लगी है। विपक्षी दल यह मानकर बैठे हैं कि भाजपा मंदिर निर्माण 2024 के ठीक पहले पूरा करवाकर इसे आगामी लोकसभा चुनाव में मुद्दा बनाएगी।

CM योगी के दमदार फैसले, जिसने पेश की नई नजीर: लव जिहाद कानून से लेकर अपराधियों पर सख्ती तक… कितनी बदली UP

लव जिहाद पर बहस छिड़ी थी मध्य प्रदेश में, उधर बहसा-बहसी ही जारी थी और इधर योगी आदित्यनाथ ने कैबिनेट में लव जिहाद को लेकर कानून भी बना दिया। योगी आदित्यनाथ की इस तेजी और मुस्तैदी पर खूब चर्चाएँ हुई थी।

’15 साल में लड़कियाँ प्रजनन के लायक तो शादी 21 में क्यों’ – अपनी बहन-बेटी को किस उम्र में ब्याहेंगे ये कॉन्ग्रेसी नेता?

कॉन्ग्रेस नेता सज्जन सिंह ने कहा कि जब लड़कियाँ 15 साल में प्रजनन लायक हो जाती हैं तो शादी की उम्र 21 साल करने की क्या जरूरत है?

वो मीडिया हाउस जिसके लिए लादेन था पिता-पति, विवेकानंद को लिखा – सिगार पीने वाला

लादेन को एक 'पिता-पति' बताने वाले 'दी क्विंट' को स्वामी विवेकानंद के जन्मदिन पर यह बताने की सबसे ज्यादा जरूरत महसूस हुई कि वह एक ‘सिगार पीने वाले सन्यासी’ थे।

‘हिन्दू धर्म ही सम्पूर्ण विश्व का धर्म बन सकता है, अन्य धर्म व्यक्ति विशेष के जीवन-आधार पर खड़े… उनमें तत्व की कमी’

"हिन्दू धर्म के सिवा संसार के अन्य सभी धर्म ऐतिहासिक जीवनियों के आधार पर खड़े हैं। परन्तु हिन्दू धर्म कुछ तत्वों की नींव पर खड़ा है।"

PM मोदी की तरकश के 4 तीर, वामपंथी सोशल प्लेटफॉर्म्स के पास नहीं है जिनकी काट: जानिए क्यों नहीं चलेगा अमेरिका वाला तिकड़म

क्या विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स ने जो ट्रम्प के साथ किया, वह भारत में पीएम मोदी के साथ भी हो सकता है? तो जान लीजिए, भारत, अमेरिका नहीं है और ना ही मोदी, ट्रम्प हैं।

चुनाव में नकारे दलों, वामपंथियों की साजिश है ‘किसान आंदोलन’: लोकतंत्र को भीड़तंत्र से बचाना जरूरी

भारत सहित दुनिया के लोकतंत्रों को सबसे बड़ा खतरा इस समय चीन की अधिनायकवादी व्यवस्था से नहीं बल्कि अपने ही भीतर बसे इन तत्वों से है जो सड़कों पर आकर भीड़ की लाठी से देश को हाँकना चाहते हैं।

ताज़ा ख़बरें

प्रचलित ख़बरें